रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख (सीतापुर)। महर्षि दधीच की पावन धरती मिश्रिख में स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर में साफ-सफाई केवल कागजों तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बदतर बने हुए हैं।
महर्षि दधीच कुंड जाने वाले मार्ग पर नालियां कचरे से पटी पड़ी हैं। नालियों की नियमित सफाई न होने से गंदगी फैल रही है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सफाई कर्मी केवल औपचारिकता निभाने आते हैं और ठीक से सफाई नहीं की जाती।
इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि सफाई कर्मियों को नियमित रूप से हर वार्ड में साफ-सफाई के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन इन निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे स्वच्छता अभियान की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या कार्रवाई करता है, ताकि क्षेत्रवासियों को गंदगी और उससे फैलने वाली बीमारियों से राहत मिल सके।
