रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख़ (सीतापुर)। चिलचिलाती धूप और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जहां आमजन बेहाल हैं, वहीं बेजुबान पशुओं की पीड़ा को समझते हुए वर्मी स्थित कामधेनु गौ आश्रय केंद्र में एक सराहनीय और मानवीय पहल देखने को मिली। ग्राम प्रधान एवं प्रधान प्रतिनिधि के नेतृत्व में गौशाला में रह रही गायों के लिए शरबत पिलाने की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें भीषण गर्मी से राहत मिल सके।
गौशाला में इस व्यवस्था के तहत नियमित रूप से ठंडे और पौष्टिक शरबत की आपूर्ति की जा रही है, ताकि गायों के शरीर में पानी की कमी न हो और वह लू के प्रकोप से सुरक्षित रह सकें। इसके साथ ही गौशाला परिसर में साफ-सफाई, छायादार स्थान और पर्याप्त पानी की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस पहल की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई और स्थानीय लोगों ने ग्राम प्रधान व उनकी टीम की जमकर सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि जिस प्रकार इंसानों के लिए गर्मी में राहत के उपाय किए जाते हैं, उसी तरह पशुओं के लिए भी इस तरह की संवेदनशील पहल समाज के लिए एक प्रेरणा है।
प्रधान प्रतिनिधि अमित कश्यप ने बताया कि “भीषण गर्मी को देखते हुए गौ माता की सेवा करना हमारा कर्तव्य है। इसी भावना के साथ गौशाला में शरबत पिलाने की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। आगे भी पशुओं की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।”
उन्होंने यह भी बताया कि गौशाला में समय-समय पर पशु चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाता है, जिससे गायों की सेहत बेहतर बनी रहे।
इस पहल से न केवल पशु प्रेमियों में खुशी है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि बेजुबान जीवों के प्रति संवेदनशीलता ही सच्ची सेवा है।ग्राम प्रधान और उनकी टीम की यह पहल क्षेत्र में एक मिसाल बनकर उभरी है, जो समाज को मानवता और करुणा का संदेश देती है।
