कन्नौज। जिला जेल से सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है. जेल में बंद दो कैदी कंबल को काटकर बनाई गई रस्सी के सहारे 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गए. कैदियों की गिनती के दौरान घटना का खुलासा हुआ. सूचना मिलते ही डीएम और एसपी जेल पहुंचे. फरार कैदियों की तलाश में कई पुलिस व जेल टीमें लगाई गई हैं.
यूपी के कन्नौज जिला जेल में कड़ी निगरानी और ऊंची दीवारों के बावजूद दो कैदी जेल से फरार हो गए. हैरान करने वाली बात यह रही कि दोनों कैदियों ने ठंड से बचाव के लिए मिले कंबलों को काट-काटकर रस्सी बनाई और उसी के सहारे करीब 22 फीट ऊंची जेल की दीवार फांदकर फरार हो गए. घटना सामने आते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.
कंबलों के सहारे फांद दी जेल की ऊंची दीवार
जिला कारागार में दो कैदियों के भागने की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार और जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री सदर तहसील में चल रहे समाधान दिवस कार्यक्रम को छोड़कर जिला जेल अनौगी पहुंच गये. पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि ‘पाक्सो एक्ट’ में बन्द ठठिया थानाक्षेत्र के मलगंवा गांव के डिंपी उर्फ शिवा एवं हथियार कानून में बंद थानाक्षेत्र के हजरापुर गांव के अंकित कम्बलों के सहारे दीवार लांघकर रविवार रात फरार हो गये.,
सोशल मीडिया पर जो खबरें और वीडियो सामने आ रही है, उसमें दावा किया जा रहा है कि दोनों कैदी 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग निकले, ये तब हुआ जब रात जेल में न्यू ईयर पार्टी थी. तभी मौका पाकर दोनों कैदियों ने कंबलों को बांधकर रस्सी बनाई और भाग गए. हालांकि हम इस तथ्य की पुष्टि नहीं कर रहे हैं कि क्या न्यू ईयर पार्टी पर मौका पाकर दोनों कैदी जेल से भागने में कामयाब रहे. कुमार के अनुसार सोमवार सुबह 10 बजे जब गिनती हुई तो दो कैदी कम पाये गये.
दोनों कैदियों ने ठंड में मिले कंबल को काटकर पहले उसकी रस्सी बनाई, फिर उसी से जेल की दीवार फांद फरार हो गए मामले की जानकारी मिलते ही जिले के डीएम, एसपी जेल पहुंचे और पड़ताल शुरू कर दी. फरार कैदियों की तलाश के लिये दो डिप्टी जेलर सहित कई टीमें लगायी गई हैं. डीएम का कहना है की ये बंदी रक्षकों की बड़ी चूक है, उन पर कार्रवाई होगी.
जेल में तैनात सिपाहियों ने जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुन्द को दो कैदियों के भागने की जानकारी दी. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनो भागे कैदियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है तथा पुलिस मामले की जांच कर रही है. इस बीच प्रशासन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि जिलाधिकारी (डीएम) आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने प्रथम दृष्टया जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही पाए जाने पर ‘जेलर’ विनय प्रताप सिंह एवं ‘डिप्टी जेलर’ बद्री प्रसाद को निलंबित करने का आदेश दिया है.
