नई दिल्ली। खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए इस महीने चंद्रमा का खास नजारा देखने को मिलेगा। 4 दिसंबर को साल का आखिरी सुपरमून यानी कोल्ड मून आसमान में दिखाई देगा। यह चांद सर्दियों की शुरुआत का संकेत माना जाता है और क्षितिज के पास निकलते समय मून इल्यूजन की वजह से सामान्य से बड़ा दिखता है। साल खत्म होने से पहले सुपरमून देखने का यह अंतिम मौका है, जिससे खास माना जा रहा है।
कोल्ड मून को सुपरमून इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह पृथ्वी के सबसे नजदीकी बिंदु के काफी पास आता है, जिससे यह साधारण दिनों की तुलना में लगभग 14 प्रतिशत बड़ा और ज्यादा चमकीला दिखाई देता है। इसकी चमक और आकार बढ़ने के कारण लोग बिना किसी खास उपकरण के भी चांद को बेहद साफ देख सकते हैं। इस दौरान चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण थोड़ा बढ़ जाता है, जिससे समुद्र की लहरों में हल्का सा तेजी दर्ज किया जाता है।
कोल्ड मून का सबसे सुंदर दृश्य चांद निकलने के तुरंत बाद देखा जा सकता है, क्योंकि क्षितिज के पास यह कुछ बड़ा और अधिक चमकीला प्रतीत होता है। दुनियाभर में लोग चांद के उदय के शुरुआती पलों को ही सबसे शानदार मानते हैं, क्योंकि मून इल्यूजन इसे और आकर्षक बनाता है। यह 2025 का 12वां और आखिरी फुल मून है, जो पूरे चंद्र वर्ष के खास चक्र को भी दर्शाता है, इसलिए यह खगोल प्रेमियों के लिए बेहद रोचक है।
