लखनऊ। प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने शक्ति भवन, लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में विद्युत व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उपभोक्ता हितैषी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में विशेष रूप से स्मार्ट मीटर व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
ऊर्जा मंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में गठित तकनीकी समिति द्वारा स्मार्ट मीटर से संबंधित जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति की रिपोर्ट आने और उसकी समुचित जांच होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं के हितों की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करते हुए मंत्री ने कहा कि जहां हाल ही में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां लगभग 15 दिन की कन्वर्जन अवधि तथा उसके बाद 30 दिन, यानी कुल लगभग 45 दिन तक किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है कि जीरो बैलेंस की स्थिति में भी अधिकतम तीन दिन या 2 किलोवाट भार तक 200 रुपये तक की सीमा में विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पांच-स्तरीय एसएमएस अलर्ट प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। इस व्यवस्था के तहत बैलेंस 30 प्रतिशत होने पर पहला संदेश, 10 प्रतिशत होने पर दूसरा, बैलेंस समाप्त होने पर तीसरा, डिस्कनेक्शन से एक दिन पूर्व चौथा तथा डिस्कनेक्शन के बाद पांचवां संदेश भेजा जाएगा।
इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि रविवार एवं अन्य अवकाश के दिनों में बैलेंस नेगेटिव होने की स्थिति में भी किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने सभी डिस्कॉम अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर बदलने में किसी प्रकार की देरी न हो और ढीले तारों तथा स्पार्किंग जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। अनुरक्षण कार्यों में तेजी लाकर दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
इसके साथ ही मंत्री ने निर्देश दिया कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन किसी कारण से डिस्कनेक्ट हो चुके हैं, उनसे फोन कॉलिंग के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि उपभोक्ता संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में ऊर्जा मंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार विद्युत व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जाते रहेंगे।
बैठक में अपर मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष आशीष गोयल, डीजी विजिलेंस जय नारायण सिंह, सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक सहित अन्य जनपदस्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
