गोरखपुर। भारतीय रेल में संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। शीतकाल के दौरान सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। इसी क्रम में लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल ने 7/8 जनवरी 2026 की मध्यरात्रि गोरखपुर–आनंदनगर रेल खंड पर स्थित समपार फाटक संख्या 11-सी एवं 13-सी का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने ड्यूटी पर तैनात गेटमैनों की सतर्कता की जांच की तथा कर्मचारियों से सुरक्षित ट्रेन परिचालन को लेकर विस्तार से चर्चा की। जांच में सभी गेटमैन पूरी तरह सतर्क पाए गए। श्री अग्रवाल ने कर्मचारियों को रेल संरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश देते हुए विशेष रूप से शीत ऋतु में कोहरे के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने पर जोर दिया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) श्रीमती नीतू एवं वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) श्री गौरव गुप्ता भी उपस्थित रहे।
इससे पूर्व 6/7 जनवरी 2026 की रात्रि में भी डीआरएम श्री अग्रवाल ने गोण्डा–आनंदनगर रेल खंड के समपार फाटक संख्या 74-सी, 69-सी, 68-सी एवं 66-सी का औचक निरीक्षण कर गेटमैनों की सतर्कता का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि रेल संरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और औचक निरीक्षणों के माध्यम से कर्मचारियों की सजगता सुनिश्चित की जा रही है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे संरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध स्थिति की जानकारी तुरंत रेल अधिकारियों को दें। शीत ऋतु में गाड़ियों के सुरक्षित संचालन के लिए गेटमैनों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने, नियमित गश्त बढ़ाने तथा कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन शीतकाल में निर्बाध और सुरक्षित रेल परिचालन के लिए प्रतिबद्ध है।
