राकेश कुमार यादव की रिपोर्ट।
प्रयागराज। जनपद के झूंसी क्षेत्र में पिछले लंबे समय से प्रशासन और ग्रामीणों की नींद उड़ाने वाला तेंदुआ आखिरकार वन विभाग की सतर्कता और लगातार प्रयासों के बाद पिंजरे में कैद कर लिया गया। तेंदुआ नीवी क्षेत्र के जंगलों में पिंजरे में फंसा, जिससे क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार लगभग एक वर्ष पूर्व यह तेंदुआ नैनी क्षेत्र में देखा गया था। इसके बाद वह गंगा पार कर पूर्वी तराई क्षेत्र की ओर चला गया और बीते कई महीनों से कोटवा, डुबावल, छिबहिया और नीवी क्षेत्रों में भटकता रहा।
इसी दौरान झूंसी स्थित एचआरआई संस्थान परिसर के अंदर टावर के पास भी सुरक्षा कर्मियों द्वारा तेंदुए को देखा गया था। परिसर में घना जंगल होने के कारण वन्य जीव संरक्षण अधिकारियों ने वहां पिंजरा लगाया था।
हालांकि कई दिनों तक चली आंख-मिचौली के बाद तेंदुआ पिंजरे से बच निकलने में सफल रहा और नीवी के आसपास के जंगलों में डेरा जमा लिया। गांवों में तेंदुए की मौजूदगी से दहशत का माहौल बन गया था। ग्रामीणों का कहना था कि बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग द्वारा लगातार विभिन्न स्थानों पर पिंजरे लगाए गए। आखिरकार वन विभाग की मेहनत रंग लाई और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग द्वारा आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
