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भ्रष्टाचार : गोरखपुर एंटी करप्शन की टीम ने शनिवार को महराजगंज कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक मोहम्मद अशरफ खान को एक पीड़ित से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कोतवाली के पास एक मिठाई की दुकान के सामने हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
एंटी करप्शन की टीम आरोपित दरोगा को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए फरेंदा कोतवाली ले गई। एंटी करप्शन गोरखपुर टीम के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पकड़ी खुर्द निवासी शिकायतकर्ता सइदुल्लाह पुत्र रियाजुद्दीन के विरुद्ध एक मुकदमा दर्ज था। इस मुकदमे में धाराओं को कम करने व केस को हल्का करने के बदले में दरोगा मोहम्मद अशरफ खान ने भारी रकम की मांग की थी।
सौदेबाजी के बाद 50 हजार रुपये देना तय हुआ था। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने इसकी लिखित शिकायत गोरखपुर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो से की। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने जाल बिछाया और शनिवार दोपहर को ट्रैप टीम महराजगंज पहुंची।
शनिवार दोपहर करीब 12.50 बजे दरोगा मोहम्मद अशरफ खान रिश्वत की रकम लेने के लिए कोतवाली के पास स्थित एक चाय की दुकान के सामने पहुंचा। जैसे ही शिकायतकर्ता सइदुल्लाह ने उसे केमिकल लगे हुए 50 हजार रुपये थमाए, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात एंटी करप्शन टीम के प्रभारी अनिल कुमार सिंह व उनकी टीम ने दरोगा को चारों तरफ से घेर लिया। आरोपी दरोगा को हिरासत में लेकर टीम फरेंदा कोतवाली पहुंची।
ढाई साल से कोतवाली में तैनात था एसआई आरोपी उप निरीक्षक मोहम्मद अशरफ खान। गाजीपुर जिले का मूल निवासी बताया जा रहा है। पिछले करीब ढाई साल से इसी कोतवाली में तैनात था। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे फरेंदा कोतवाली ले जाकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया जा रहा है।
फरेंदा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र रॉय ने बताया कि एंटी करप्शन गोरखपुर टीम आरोपित दरोगा को लेकर कोतवाली पहुंची। अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही विधिक कार्रवाई की जाएगी।
