लखनऊ। फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर बड़े पैमाने पर कर चोरी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना रहीमाबाद पुलिस, साइबर क्राइम एवं सर्विलांस टीम ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरोह द्वारा फर्जी फर्मों के माध्यम से लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपये के फर्जी लेनदेन का खुलासा हुआ है।इस संबंध में 4 अक्टूबर 2025 को वादी राम नरेश वर्मा, सहायक आयुक्त, राज्य कर, खंड-18, लखनऊ द्वारा थाना रहीमाबाद में तहरीर दी गई थी।
तहरीर में बताया गया कि घोषित पते/व्यापार स्थल सर्वश्री सूरज इलेक्ट्रिकल सप्लायर, 67 गोपालपुर मडवाना, लखनऊ के नाम से संचालित फर्म अस्तित्वविहीन/फर्जी पाई गई, जो सुनियोजित तरीके से इनवॉइस जारी कर अनुचित रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ ले रही थी। इस पर थाना रहीमाबाद में मु0अ0सं0 148/2025 के तहत धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/340(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना के दौरान थाना रहीमाबाद पुलिस ने साइबर क्राइम टीम के सहयोग से अभियुक्त रविंदर गिरि पुत्र मनमोहन लाल, निवासी ग्राम व पोस्ट दरेरी, थाना पड़ौहा, जनपद लखीमपुर खीरी, उम्र करीब 35 वर्ष को गिरफ्तार किया। अभियुक्त के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और 710 रुपये नकद बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुद्रा लोन दिलाने का लालच देकर उनके आधार, पैन, बैंक खाता और मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज प्राप्त करता था। इसके बाद फर्जी किरायानामा और बिजली बिल तैयार कर उनके नाम पर जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराता था। इन फर्जी फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपये की बोगस आईटीसी बेचकर अवैध कमीशन कमाया जाता था। साथ ही फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर लेनदेन को वैध दर्शाया जाता था।
पुलिस के अनुसार अभियुक्त ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसके द्वारा अपनाई गई कार्यप्रणाली के तहत अन्य व्यक्तियों के नाम पर सिम कार्ड जारी कराकर उन्हें अपने पास रखता था और उन्हीं सिम का उपयोग कर फर्जी जीएसटी फर्में संचालित करता था। इस अवैध गतिविधि के माध्यम से लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपये की राजस्व हानि पहुंचाई गई है।
पुलिस टीम में उप निरीक्षक संदीप कुमार, उप निरीक्षक सैय्यद अहमद मेहदी जैदी, उप निरीक्षक प्रदीप सिंह तथा कांस्टेबल मनु कुमार शामिल रहे। वहीं स्वाट और सर्विलांस टीम में उप निरीक्षक प्रकाश सिंह, कांस्टेबल देशराज, कांस्टेबल नाहर सिंह और कांस्टेबल अमित तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।पुलिस द्वारा मामले में आगे की पूछताछ जारी है तथा गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
