रिपोर्ट: पवन कुमार रस्तोगी।
प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (UPSSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) परीक्षा में कॉमन कटऑफ (न्यूनतम परसेंटाइल) निर्धारित किए जाने की मांग लगातार तेज होती जा रही है। इस मांग को लेकर जहां एक ओर कई सांसदों व विधायकों ने माननीय मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रतियोगी छात्रों की समस्याओं से अवगत कराया है।
इस मुद्दे पर प्रतियोगी छात्र मोनू पांडेय, अनुपम सिंह, हर्ष कुमार झा और संदीप सिंह आदि की ओर से भी समर्थन पत्र (लेटर) जारी किया गया है, जिसमें पीईटी को केवल एक अर्हता परीक्षा मानते हुए कॉमन कटऑफ लागू करने की जोरदार मांग की गई है।
जनप्रतिनिधियों और छात्रों का कहना है कि पीईटी परीक्षा अंतिम चयन नहीं बल्कि केवल मुख्य परीक्षाओं के लिए पात्रता तय करने का माध्यम है। ऐसे में टीईटी और सीटीईटी की तर्ज पर इसमें न्यूनतम कटऑफ तय किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षाओं में अवसर मिल सके और लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो।
इसी क्रम में प्रतियोगी छात्रों ने घोषणा की है कि 19 जनवरी को UPSSSC में कॉमन कटऑफ की मांग को लेकर ट्विटर कैंपेनिंग अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान सुबह 11 बजे से शुरू होगा, जिसमें प्रदेश भर के हजारों अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।
छात्रों का कहना है कि एक ही दिन कई परीक्षाएं होने, लंबी यात्रा, भीड़-भाड़ और सीमित अवसरों के कारण अभ्यर्थियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कॉमन कटऑफ लागू होने से न केवल प्रक्रिया पारदर्शी होगी, बल्कि लाखों छात्रों को न्याय भी मिल सकेगा।
अब सभी की निगाहें शासन और यूपीएसएसएससी के निर्णय पर टिकी हैं कि अभ्यर्थियों की इस सामूहिक मांग पर क्या कदम उठाया जाता है।
मा० सांसदों व मा० विधायकों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भेजे गए पत्र:-




