बस्ती। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का आंदोलन लगातार जारी है। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षकों ने सोमवार से बुधवार तक तीन दिनों तक हाथों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इससे पूर्व 22 फरवरी को शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर व्यापक ट्विटर अभियान भी चलाया था।
निर्णय के क्रम में बस्ती सहित पूरे देश के शिक्षक गुरुवार को बीएसए कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन करना तय था। इसके बाद शिक्षक जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेंगे।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चन्द्रिका सिंह ने बताया कि जिले भर के शिक्षक बड़ी संख्या में धरने में शामिल होकर अपनी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आदेश वापस नहीं लिया, तो मार्च माह में नई दिल्ली में व्यापक स्तर पर घेराव और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा ने कहा कि सभी शिक्षक संगठन एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं और शिक्षकों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जिला कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव और जिला उपाध्यक्ष रवीश कुमार मिश्र ने टीईटी को अनिवार्य किए जाने के निर्णय को वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के साथ अन्याय बताया।
ब्लॉक अध्यक्ष बहादुरपुर प्रमोद सिंह, बनकटी के सुरेश गौड़, हर्रैया के रामसागर वर्मा तथा रामनगर के रवि सिंह ने कहा कि जबरन थोपे जा रहे इस आदेश को शिक्षक किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे और जरूरत पड़ी तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
