सुल्तानपुर। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संघ का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारी वर्षों से संविदा पर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायित्व, वेतनमान और सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं अब तक नहीं मिल पाई हैं।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग की है कि पोर्टल के माध्यम से वेतन भुगतान में आ रही तकनीकी समस्याओं को दूर किया जाए और हर माह समय से वेतन जारी किया जाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य बजट में पर्याप्त वृद्धि कर प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
संघ ने आईपीएचएस मानकों के अनुरूप नए पद सृजित करने और वर्षों से कार्यरत कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि कई कर्मचारी 10 वर्ष या उससे अधिक समय से सेवा दे रहे हैं, ऐसे में उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीति बनाई जानी चाहिए।
कर्मचारियों ने वेतन विसंगतियों को दूर कर स्पष्ट और पारदर्शी वेतन नीति लागू करने, वार्षिक वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने तथा अनुभव आधारित लाभ देने की भी मांग की है। इसके अलावा सभी कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ, ग्रेच्युटी सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने पर जोर दिया गया है।
संघ ने समान कार्य के लिए समान वेतन, आउटसोर्सिंग व्यवस्था की समाप्ति और राज्य स्वास्थ्य समिति अथवा आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मियों के समायोजन की भी मांग रखी है।
उनका कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में एनएचएम कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनके हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
