•राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व राज्यपाल को प्रेषित पत्र; मुकदमे को बताया दुर्भावनापूर्ण।
बस्ती। बुधवार को मेधा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल त्रिपाठी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत पाण्डेय पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशांत पाण्डेय पर तेज आवाज में ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने तथा कोविड-19 प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोप में दर्ज मुकदमा निराधार है और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण होने का दावा
ज्ञापन देने के बाद दीनदयाल त्रिपाठी ने बताया कि 29 मार्च को राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित सनातन धर्म संवाद कार्यक्रम में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम का संयोजन प्रशांत पाण्डेय द्वारा किया गया था।
उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और इससे न तो प्रशासन को कोई समस्या हुई और न ही आमजन को किसी प्रकार की असुविधा हुई।
मुकदमे को बताया दुर्भावनापूर्ण
त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के कई दिन बाद पुलिस प्रशासन द्वारा प्रशांत पाण्डेय के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई, जो पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मुकदमा वापस लिया जाना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित न हो।
ज्ञापन देने वालों में उमेश पाण्डेय ‘मुन्ना’, संतोष शुक्ल, अनिल मिश्रा, नवीन दूबे, दिनेश त्रिपाठी, अंकित पाण्डेय, कार्तिकेय त्रिपाठी, अनुपम शुक्ल, मनीष पाण्डेय, आकाश पाण्डेय, नागेन्द्र मिश्र, दीपक पाण्डेय, प्रतीक मिश्र, रामरीका पाण्डेय, राहुल तिवारी, उदय पाण्डेय, रामकृष्ण मोनू दूबे, राममणि पाण्डेय, जगदम्बा पाण्डेय, स्वप्निल मिश्र, करण शुक्ल, आनंद मिश्र, वृहस्पतिमणि त्रिपाठी, साकेत पाण्डेय, उत्कर्ष त्रिपाठी सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
