लखनऊ। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा 2027 का विधानसभा चुनाव हारने जा रही है, इसी घबराहट में वह समाजवादी पार्टी समर्थकों और पीडीए का वोट कटवाने के लिए फार्म-7 के जरिए फर्जीवाड़ा कर रही है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मतदाता सूची के एसआईआर के तहत फार्म-7 के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि सपा के सभी विधायक इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग को ज्ञापन देंगे और मांग करेंगे कि फार्म-7 से नाम हटाने की प्रक्रिया केवल सरकारी बीएलओ द्वारा की जाए। साथ ही किस विधानसभा और बूथ पर किसके नाम से फार्म-7 जमा हुआ, इसका डेटा सार्वजनिक किया जाए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बिधूना, सकलडीहा, बाबागंज, भोजीपुरा, कन्नौज, बलिया और अयोध्या समेत कई क्षेत्रों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सपा ने अब तक 47 फार्म-7 भरे हैं, जबकि भाजपा की ओर से 1728 और अज्ञात नामों से 1,28,659 फार्म-7 जमा कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट रोल में बीएलओ द्वारा 49,399 वोट हटाए गए, लेकिन उसके बाद अज्ञात व्यक्तियों के माध्यम से बड़ी संख्या में फार्म-7 भरवाए गए, जो साजिश का हिस्सा है। उनका आरोप है कि पीडीए मतदाताओं को निशाना बनाकर सामूहिक रूप से वोट कटवाने की कोशिश की जा रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मंत्री पवन पाण्डेय ने भी कहा कि अयोध्या क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं। अखिलेश यादव ने मेरठ के एक वीडियो का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ के नाम पर भी नोटिस भेजे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के संकट और निवेश के दावों जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जनता और विपक्ष को उलझाना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह मुद्दा विधानसभा में भी जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
