•एक सप्ताह में नाले-नालियों की सफाई और अतिक्रमण हटाने के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत।
रिपोर्ट: गंगेश कुमार।
हरिद्वार (उत्तराखंड)। मानसून से पहले शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित खुद सड़कों पर उतरे और विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रानीपुर विधायक आदेश चौहान भी उनके साथ मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान नालों में जमा भारी कूड़ा और उन पर किए गए अतिक्रमण को देखकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभागों को फटकार लगाते हुए तत्काल प्रभाव से सफाई और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जमालपुर खुर्द, ब्रह्मपुरी, रावली महदूद, मीनाक्षीपुरम और नील खुदाना ज्वालापुर सहित कई क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान जगह-जगह नालों में कूड़े के ढेर और उन पर किए गए अवैध कब्जे पाए गए, जिस पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया।
उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि नालों की सफाई के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर एक सप्ताह के भीतर अभियान शुरू किया जाए। वहीं नगर निगम और शिवालिक नगर पालिका को अपने-अपने क्षेत्रों में नालियों की सफाई व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के आदेश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मानसून से पहले सभी नालों की सफाई हर हाल में पूरी की जाए, ताकि बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।अतिक्रमण के मामलों को लेकर जिलाधिकारी ने तहसीलदार को निर्देशित किया कि नालों और नालियों पर किए गए कब्जों को चिन्हित कर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जाएं। निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
वार्ड संख्या 46, नील खुदाना ज्वालापुर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को विशेष रूप से सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज करने को कहा।
इस मौके पर विधायक आदेश चौहान ने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना सराहनीय पहल है, जिससे क्षेत्र में फैली गंदगी दूर होगी और जलभराव की समस्या से भी राहत मिलेगी।
