-उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय में बीएससी तृतीय वर्ष का था छात्र।
-परिस्थित जन साक्ष्य घटना के संदिग्ध होने की ओर कर रहे थे इशारा।
मिल्कीपुर-अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अंतर्गत उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय में अध्यनरत बीएससी तृतीय वर्ष के 22 वर्षीय छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में अमरावती हॉस्टल के रूम नंबर 9 में छठ के पंखे से गमछे के सहारे फांसी के फंदे से लटका मिलने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में अपरा तफरी मच गई और भारी संख्या में कुमारगंज थाने की पुलिस एवं विश्वविद्यालयके सुरक्षा गार्ड सहित विश्वविद्यालय के प्रशासनिक पदों का दायित्व निभाने वाले शिक्षकगण मौके पर पहुंच गए।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय के बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र अनिल तिवारी पुत्र जीवननाथ तिवारी निवासी ओझा का पुरवा थाना वजीरगंज जनपद गोंडा अमरावती छात्रावास के कमरा नंबर 9 में अपने दो साथियों छात्रों हर्षित जायसवाल निवासी गोरखपुर एवं विपिन देव पांडे निवासी सोनभद्र के साथ विश्वविद्यालय के छात्रावास में रह रहा था। बीते 1 अप्रैल की रात उसके दोनों दोस्त किसान छात्रावास में रह रहे अपने दोस्त अंशु एवं आजाद के कमरे पर रुक गए थे। 2 अप्रैल बृहस्पतिवार को छात्र अनिल तिवारी के दोनों दोस्त हॉस्टल के मेस में खाना खाने आए और वहीं कीट विज्ञान विषय की परीक्षा देने परीक्षा हाल में चले गए। दोनों छात्र अपने रूम तक नहीं पहुंचे।
इधर बृहस्पतिवार की दोपहर करीब 1ः00 बजे पार्सल की डिलीवरी करने वाला युवक अनिल तिवारी के रूम पर पार्सल देने पहुंचा तब उसने देखा कि अंदर से दरवाजा बंद है। उसने काफी देर तक आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई हरकत न होने के बाद उसने आसपास कमरों में मौजूद अन्य छात्रों को बताया। इसके बाद कई छात्र मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसी तरह दरवाजा खोला तो देखा कि गमछा से पंखे के सहारे अनिल तिवारी का शव फांसी पर लटका है और उसके दोनों पैर पूरी तरह से तख्त पर रखे हुए हैं, यही नहीं बेड पर रखा बिस्तर भी पूरी तरह अस्त व्यस्त था। प्रथम दृश्य घटना पूरी तरह से संदिग्ध प्रतीत हो रही थी।
घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ डी नियोगी, उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ भानु, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ रुद्र प्रताप सिंह सहित विश्वविद्यालय से भारी संख्या में सिक्योरिटी गार्ड मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी स्थानीय थाना कुमारगंज पुलिस को दी।
जानकारी पाकर मौके पर पहुंची कुमारगंज पुलिस ने फिंगर प्रिंट टीम को मौके पर बुलाया और शव को कब्जे में ले लिया। मौके पर पहुंचे विश्वविद्यालय की जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मृतक छात्रा के परिजनों कोदूरभाष पर घटना की जानकारी दी गई। घटना के संबंध में सबसे महत्वपूर्ण पहलू तो यह है कि विश्वविद्यालय परिसर स्थित अमरावती छात्रावास के वर्णन की जिम्मेदारी कुलपति के निजी सचिव डॉ जसवंत सिंह के सिर पर है। जब कि सहायक वार्डन के रूप में डॉ कुलदीप पांडे जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
भारी संख्या में मौजूद छात्रों ने दबी जुबान से बताया कि हॉस्टल वार्डन कभी भी हॉस्टल तक दिखाई नहीं दिए हैं। और तो और उनके द्वारा जब से कुलपति के निजी सचिव का अतिरिक्त दायित्व संभाला गया है, कभी भी क्लास तक नहीं लिया गया है।
बताते चलें कि विश्वविद्यालय परिसर में छात्र की मौत कोई नया और पहला हादसा नहीं है। विश्वविद्यालय परिसर स्थित आवासीय परिसर एवं विभिन्न हॉस्टलों में अब तक कई छात्रों की अलग-अलग परिस्थितियों में मौत हो चुकी है।
