रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख/सीतापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मिश्रिख में कथित रूप से अवैध वसूली और दलालों की सक्रियता को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी सामने आई है। आरोप है कि प्रसव (डिलीवरी) के मामलों में मरीजों से गुप्त रूप से पैसे लिए जा रहे हैं, जिससे गरीब वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि केंद्र पर कुछ कर्मियों की मिलीभगत से दलालों का हस्तक्षेप बढ़ गया है। विशेष रूप से महिला चिकित्सक डॉ आकांक्षा सिंह पर डिलीवरी के नाम पर अवैध धन लेने के आरोप लगाए गए हैं।
नागरिकों का कहना है कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन दावों का असर नहीं दिख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से विभाग और प्रशासन की छवि प्रभावित हो रही है।
मामले को गंभीर बताते हुए लोगों ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।
