•प्रयागराज में नवरात्र में मंदिरों में बढ़ा फुटफॉल।
प्रयागराज। शक्ति उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्र की शुरुआत के साथ ही शक्तिपीठों और मां दुर्गा के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिरों में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए भीड़ प्रबंधन के कई नव्य प्रयोग किए गए हैं। व्यवस्था और सुरक्षा पर 24×7 प्रशासन मॉनिटरिंग कर रहा है।
शक्ति उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्र की शुरुआत गुरुवार से हो गई। प्रयागराज के शक्तिपीठ और मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रशासन ने इसके लिए भीड़ प्रबंधन का नया फॉर्मूला तैयार किया है। नगर निगम के महापौर उमेश चन्द गणेश केसरवानी का कहना है कि सभी शक्तिपीठ और मंदिरों में नवरात्र पर स्वच्छता के विशेष इंतजाम किए गए हैं। नगर निगम के सफाई कर्मियों की टोलियां हर समय मंदिर में तैनात रहेंगी। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध होकर मंदिर में प्रवेश होगा। श्रद्धालुओं की कतारों के दोनो तरफ बिजली के फैन लगाए गए हैं।
मां आलोप शंकरी शक्तिपीठ के मुख्य पुजारी शिवानंद का कहना है कि शेड के अंदर ही सभी कतार लगाई गई हैं। मंदिर परिसर में शुद्ध पेय जल की व्यवस्था के लिए आरओ लगाए गए हैं। सुरक्षा पर विशेष जोर है। मंदिर के गर्भ गृह से लेकर मंदिर के बाहर के संपर्क मार्ग सीसीटीवी की नज़र में रहेंगे। भीड़ बढ़ने पर ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी।
प्रयागराज मंडल में शक्तिपीठ और अन्य सिद्ध पीठों में पर्यटन विभाग और धर्मार्थ कार्य विभाग की तरफ से कराए गए विकास कार्य कराए गए हैं। योगी सरकार के कार्यकाल में धर्मार्थ कार्य विभाग द्वारा मंदिरों और धार्मिक स्थलों के लिए कई तरह के काम किए गए हैं। ये काम सीधे मंदिर विकास, सुविधाओं, कनेक्टिविटी और प्रशासनिक सुधार से जुड़े हैं। प्रयागराज में मंदिरों के कॉरिडोर का निर्माण और सौंदर्यीकरण की परियोजना इसका बड़ा हिस्सा जो चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है।
पर्यटन विभाग की तरफ से शहर के मां अलोप शंकरी शक्तिपीठ के लिए 6 करोड़ और मां कल्याणी देवी शक्तिपीठ के लिए 1.01 करोड़ की लागत से विभिन्न कार्य किए गए।
प्रयागराज की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल बताती हैं कि शक्तिपीठों और मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए कई कार्य किए गए हैं। इसमें मंदिरों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण शामिल है। इसके अंतर्गत पार्किंग, यात्री शेड, टॉयलेट और पेयजल,साइनेज , साफ-सफाई और फसाड लाइटिंग शामिल है।
इसी तरह प्रतापगढ़ बेल्हाधाम शक्तिपीठ में 2.83 करोड़ की लागत से पक्के घाट का निर्माण, कौशाम्बी में 2.60 करोड़ से कड़ा के मां शीतला धाम मंदिर में कुबरी घाट में पक्के घाट का और आरती स्थल का निर्माण शामिल है। मंडल के इन शक्तिपीठ और मंदिरों में संपर्क मार्ग को मुख्य मार्ग से जोड़ा गया है जिसमें 124 करोड़ से अधिक खर्च किए गए हैं।
