लखनऊ। थाना कृष्णानगर क्षेत्र में फायरिंग, तोड़फोड़ और धमकी की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। इस मामले में पुलिस ने करीब 400-500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
घटना के संबंध में वादिनी रीना यादव निवासी एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड ने 1 मई 2026 को तहरीर देकर बताया था कि 30 अप्रैल 2026 को पूर्व की रंजिश को लेकर मनीष यादव, जीतू यादव और अन्य साथियों ने उनके घर पर धावा बोल दिया। आरोप है कि सभी लोग एक राय होकर घर पहुंचे, गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और बाहर खड़ी क्रेटा कार (UP32PT5335) को क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं, हमलावरों ने दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग भी की और इलाके में भय का माहौल बना दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देशन में छह टीमें गठित की गईं। टीमों ने लगातार दबिश देते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 3 मई 2026 को जीवी लॉन मोड़ से मुख्य आरोपी मनीष यादव (30 वर्ष) और जीतू यादव (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में मनीष यादव ने बताया कि 29 अप्रैल को एक शादी समारोह में करन यादव के साथ पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हुआ था, जो मारपीट में बदल गया। इसी के चलते अगले दिन साथियों के साथ मिलकर रीना यादव के घर पहुंचकर हमला किया गया। उसने यह भी बताया कि भगत यादव नामक व्यक्ति के कहने पर वहां दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की गई थी।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और इनके खिलाफ पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
कृष्णानगर पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है, वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
