•अशिक्षित, गरीब मुलाकातियों को मुकदमों की जानकारी।
•जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बस्ती की अनूठी पहल।
•जेल में निरुद्ध आरोपित की जमानत प्रक्रिया में मिलेगी मदद
बस्ती। जिला कारागार में अपने स्वजन से मिलने आने वाले मुलाकातियों के लिए अब कानूनी प्रक्रिया को समझना आसान होगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती ने जेल परिसर में एक विधिक सहायता डेस्क (लीगल एड डेस्क) स्थापित करने की पहल की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन गरीब और लाचार परिवारों को सहारा देना है, जिन्हें कानूनी जानकारी के अभाव में दर-दर भटकना पड़ता है।
प्राधिकरण का इस पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य है कि जेल में बंद कैदियों के स्वजन (मुलाकाती) ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं और कानूनी बारीकियों से अनभिज्ञ होते हैं। उन्हें यह नहीं पता होता कि उनके स्वजन की जमानत की स्थिति क्या है या उन्हें सरकारी वकील कैसे मिल सकता है। इसी समस्या के समाधान के लिए विधिक सहायता डेस्क एक वन-स्टाप सेंटर के रूप में कार्य करेगा।
चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल कौशल किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि जेल में आधिकारिक विधिक सहायता डेस्क होने से बिचौलियों और दलालों के चंगुल से भी मुलाकातियों को मुक्ति मिलेगी। अक्सर दलाल कानूनी मदद के नाम पर इन गरीब लोगों से मोटी रकम वसूलते हैं। अब सरकारी डेस्क होने से लोगों को सीधे और सही जानकारी मिल सकेगी।
हेल्प डेस्क पर मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं:
मुफ्त कानूनी परामर्श: अनुभवी पैरा-लीगल वालंटियर्स और अधिवक्ता मुलाकातियों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में बताएंगे।
केस स्टेटस की जानकारी: स्वजन को उनके बंदी संबंधी के केस की वर्तमान स्थिति और अगली तारीख के बारे में जानकारी दी जाएगी।
जमानत प्रक्रिया में मदद: जो बंदी गरीबी के कारण जमानत नहीं करा पा रहे हैं, उनके स्वजन को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क वकील उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
आवेदन लिखने में सहायता: अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे मुलाकातियों के लिए विभिन्न कानूनी आवेदन या प्रार्थना पत्र लिखने में मदद की जाएगी।
नियमित रूप से बैठेंगे पैरा-लीगल वालंटियर्स
जिला विधिक प्राधिकरण के अनुसार, इस डेस्क पर नियमित रूप से रोस्टर के अनुसार पैरा-लीगल वालंटियर्स की ड्यूटी लगाई जाएगी। वे न केवल लोगों की समस्याएं सुनेंगे, बल्कि प्राप्त प्रार्थना पत्रों को सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय तक पहुंचाएंगे ताकि त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
न्याय सबके लिए के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए यह डेस्क मील का पत्थर साबित होगी। हमारा प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति केवल जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित न रहे।
: देवेन्द्र कुमार प्रथम सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती
