•पीयूष गोयल की प्रेस ब्रीफिंग, निर्यातकों के लिए खुले 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के द्वार।
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम प्रगति हुई है। दोनों देशों ने 500 ढडअरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक अंतरिम व्यापार ढांचे पर सहमति जताई है। इस समझौते को भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में अवसरों के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
विकसित भारत 2047’ की दिशा में ऐतिहासिक पहल : पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को इस अंतरिम व्यापार समझौते को भारत के आर्थिक भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में मजबूत आधार प्रदान करेगा।
भारतीय निर्यातकों को मिलेगी ‘मोस्ट प्रेफर्ड ड्यूटी’ की सुविधा
पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते के तहत भारतीय निर्यातकों को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में मोस्ट प्रेफर्ड ड्यूटी स्टेटस के साथ बाजार तक पहुंच मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारत–अमेरिका संयुक्त बयान को वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
“यह दिन भारत के व्यापारिक इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। यह समझौता विकसित भारत की यात्रा का निर्णायक पड़ाव बनेगा।” – पीयूष गोयल
इन प्रमुख भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में शून्य टैरिफ
अंतरिम समझौते के बाद अमेरिका ने कई भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क हटाने की प्रतिबद्धता जताई है, जिनमें शामिल हैं—
रत्न एवं आभूषण
जेनेरिक दवाएं एवं फार्मास्यूटिकल्स
विमान और विमान के पुर्जे
ऑटो पार्ट्स (प्रेफरेंशियल टैरिफ रेट कोटा के तहत)
सिक्के, प्लैटिनम, घड़ियां
आवश्यक तेल, सजावटी वस्तुएं
बीज और अकार्बनिक रसायन
विमानन और ऑटो सेक्टर को बड़ा लाभ
विमानन क्षेत्र में, अमेरिका अब उन विमानों और उनके पुर्जों से टैरिफ हटाएगा जिन पर पहले एल्युमिनियम, स्टील और तांबे से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा शुल्क लागू थे।
ऑटो सेक्टर में भारतीय निर्माताओं को प्रेफरेंशियल टैरिफ रेट कोटा का लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें अन्य देशों की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
कृषि और खाद्य उत्पादों को भी शुल्क-मुक्त पहुंच
नए व्यापार ढांचे के तहत अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात की अनुमति मिलने वाले उत्पादों में शामिल हैं—
कॉफी, आम
चाय, मसाले, नारियल तेल, सुपारी
वनस्पति मोम, शाहबलूत, ब्राजील नट्स
फल-सब्जियां, जौ, अन्य अनाज
बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद
तिल, खसखस, खट्टे फलों का रस
50 प्रतिशत टैरिफ से सीधे शून्य शुल्क तक
गोयल ने बताया कि कई ऐसे उत्पाद, जिन पर पहले अमेरिका में 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगता था, अब शून्य शुल्क पर निर्यात किए जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि जहां चीन पर 35 प्रतिशत तथा बांग्लादेश और वियतनाम पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है, वहीं भारत को अपेक्षाकृत बेहतर शर्तें प्राप्त हुई हैं।
फरवरी 2025 से चल रही थी भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता
भारत और अमेरिका के बीच यह व्यापार वार्ता फरवरी 2025 में शुरू हुई थी। मंत्री ने कहा कि इस अंतरिम समझौते ने 500 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की दिशा तय कर दी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की।
एमएसएमई, किसान और मछुआरों को होगा सीधा लाभ
पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के साथ-साथ एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। इससे रोजगार सृजन, निवेश और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित
मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस समझौते में भारत की लाल रेखाएं पूरी तरह सुरक्षित रखी गई हैं।
जीएम (जेनेटिकली मॉडिफाइड) उत्पादों को अनुमति नहीं
मक्का, चावल, गेहूं, बाजरा, रागी पर कोई रियायत नहीं
केला, खट्टे फल, मांस, मुर्गी, डेयरी उत्पाद सुरक्षित। सोयाबीन, चीनी, काबुली चना, इथेनॉल, तंबाकू पर कोई समझौता नहीं
किसी भी घरेलू क्षेत्र को नुकसान नहीं : गोयल
पीयूष गोयल ने भरोसा दिलाया कि यह भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता किसानों, एमएसएमई, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उन्हें वैश्विक बाजार में नए अवसर प्रदान करता है।
