रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
गोदलामऊ (सीतापुर)। खंड विकास अधिकारी कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में अन्तर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य परिवार नियोजन सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता को बेहतर बनाना रहा। यह कार्यक्रम मोवियस फाउंडेशन की वित्तीय सहायता तथा पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित “उम्मीद परियोजना” के अंतर्गत आयोजित किया गया।
बैठक की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार ने की। इसमें स्वास्थ्य विभाग (नोडल विभाग), पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग (बेसिक व इंटर कॉलेज) तथा आईसीडीएस सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।बैठक की शुरुआत करते हुए पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की प्रतिनिधि सविता पांडेय ने सभी का स्वागत किया तथा उम्मीद परियोजना के तहत ब्लॉक क्षेत्र में चलाए जा रहे बाल विवाह निरोधक अभियानों की प्रगति साझा की।
उन्होंने बताया कि विद्यालयों में गतिविधियाँ, समूह बैठकें, स्वास्थ्य मेले, हस्ताक्षर अभियान और शपथ कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाई जा रही है।
अध्यक्षता करते हुए बीडीओ संदीप कुमार ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी विभागों का समन्वय बेहद आवश्यक है। उन्होंने बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक रूप से कार्य करने, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ नियमित बैठकें करने तथा ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के सहयोग को सुनिश्चित करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रयासों से ही योजनाओं का लाभ सही तरीके से समुदाय तक पहुंच सकेगा।
इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोंदलामऊ के अधीक्षक डॉ. धीरज मिश्रा ने परिवार नियोजन कार्यक्रम की सफलता में विभागीय समन्वय की अहम भूमिका बताई। उन्होंने किशोर स्वास्थ्य सेवाओं और विद्यालयों में दी जा रही सुविधाओं पर भी चर्चा करने की आवश्यकता जताई।
कार्यक्रम में संचिता पांडेय और हेमेंद्र चौबे ने उम्मीद परियोजना के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत सीएचसी और पीएचसी में परिवार नियोजन कॉर्नर की स्थापना, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों व उपकेंद्रों को परिवार नियोजन किट उपलब्ध कराना, स्वास्थ्य कर्मियों (एएनएम व आशा) का प्रशिक्षण तथा व्यवहार परिवर्तन संबंधी कौशल विकास शामिल है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के माध्यम से समुदाय में परिवार कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कम उम्र में विवाह, किशोर गर्भावस्था, गर्भनिरोधक विकल्पों और पुरुष सहभागिता जैसे विषयों पर भी विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
