•दिल्ली से निराश लौटे मरीज के 12 सेमी कैंसर ट्यूमर को 6 घंटे में किया सफल ऑपरेशन, अब राहत की सांस
मथुरा। दिल्ली से निराश लौटे कोसीकलां निवासी जावेद पुत्र इकबाल को के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में नई जिंदगी मिली है। कमर में बढ़ती कैंसर गांठ से परेशान जावेद अब सफल सर्जरी के बाद राहत महसूस कर रहा है और चैन से सो पा रहा है।
37 वर्षीय जावेद पिछले दो वर्षों से कमर के दाहिने हिस्से में गांठ की समस्या से जूझ रहा था। शुरुआती दौर में यह गांठ तकलीफदेह नहीं थी, लेकिन बीते कुछ महीनों में इसका आकार तेजी से बढ़ गया, जिससे उसे सोने, कपड़े पहनने और सामान्य दिनचर्या में गंभीर दिक्कत होने लगी। परिजन उसे इलाज के लिए दिल्ली ले गए, जहां जांच में नसों के कैंसर की पुष्टि हुई और सर्जरी की सलाह दी गई।
आर्थिक तंगी के चलते परिजन 22 अप्रैल को जावेद को के.डी. हॉस्पिटल लेकर आए। यहां विशेषज्ञ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. उमा शर्मा ने मरीज की जांच कर एमआरआई कराई, जिससे ट्यूमर की स्थिति स्पष्ट हुई। परिजनों की सहमति के बाद 25 अप्रैल को सर्जरी की गई, जो लगभग छह घंटे तक चली।
इस जटिल ऑपरेशन में डॉ. उमा शर्मा के साथ डॉ. तेजा, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. जयेश, डॉ. मंजू तथा टेक्नीशियन शिवम और शुभम की टीम ने अहम भूमिका निभाई। सर्जरी के दौरान मरीज की कमर के दाहिने हिस्से से लगभग 12 सेंटीमीटर की कैंसर गांठ सफलतापूर्वक निकाल दी गई।
सर्जरी के बाद जावेद पूरी तरह स्वस्थ है। उसने कहा कि उसे यहां नया जीवन मिला है और चिकित्सकों के सेवाभाव को वह कभी नहीं भूल पाएगा।
डॉ. उमा शर्मा ने बताया कि ट्यूमर का विस्तार कूल्हे और रीढ़ की हड्डी तक हो चुका था, लेकिन पूरी सावधानी के साथ इसे हटाया गया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या न हो।
के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के चेयरमैन मनोज अग्रवाल, डीन एवं प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंह तथा विभागाध्यक्ष सर्जरी डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने सफल सर्जरी के लिए टीम को बधाई देते हुए मरीज के स्वस्थ जीवन की कामना की।
