रिपोर्ट : अभिनव अग्रवाल।
नजीबाबाद(बिजनौर)। नगर के मौहल्ला स्थित गीता भवन मंदिर में माघ मास के अवसर पर आयोजित माघ महात्म्य गौ कथा में कथावाचक पंडित भोला शंकर शास्त्री जी ने श्रद्धालुओं को ‘जया एकादशी’ के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ तुलसी पूजन करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।

कथावाचक ने कहा कि जया एकादशी का नियमपूर्वक व्रत, पूजा एवं आराधना करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे नौ ग्रह अनुकूल होते हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
उन्होंने सनातन धर्म में एकादशी व्रत और गौ-सेवा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों ही अत्यंत पुण्यकारी हैं।
पंडित भोला शंकर शास्त्री जी ने बताया कि गौ कथा के माध्यम से जीवन में पवित्रता, सेवा भाव और ईश्वर की कृपा का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी गौ-सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया है, गौ माता ने उन्हें उतना ही ऊँचा स्थान प्रदान किया है।
कथा के समापन पर आरती के उपरांत सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर नीरा भारद्वाज, राखी प्रजापति, रजनी, नीलम हांडा, लक्ष्मी, सृष्टि, प्रिया, नंदनी, किरन, सुनैना, कर्णप्रिया, कन्नू, अंजलि, पीहु, दर्शिका, अंशु, पूर्वी, रिद्धि, शालू, भाग्या, कनकधारा, सोनिया सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
