लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) 2025 में न्यूनतम कटऑफ/न्यूनतम परसेंटाइल निर्धारित करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक ज्ञापन सौंपा।
छात्रों का कहना है कि आयोग द्वारा लेखपाल भर्ती में की गई शॉर्ट लिस्टिंग छात्रों के हित में नहीं है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कटऑफ निर्धारित न होने से बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा (मेन्स) में बैठने का अवसर ही नहीं मिल पाता, जिससे उनके समय और मेहनत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
ज्ञापन में मांग की गई कि जिस प्रकार नीट पीजी 2025, हरियाणा सीईटी, यूपी टीईटी तथा अन्य परीक्षाओं में न्यूनतम परसेंटाइल/कटऑफ की व्यवस्था लागू है, उसी प्रकार पीईटी 2025 में भी स्पष्ट न्यूनतम कटऑफ निर्धारित की जाए। छात्रों का कहना है कि चाहे रिक्तियां एक हों या हजार, जो अभ्यर्थी न्यूनतम योग्यता प्राप्त करता है, उसे मेन्स परीक्षा में बैठने का अवसर मिलना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने कहा कि वर्तमान शॉर्ट लिस्टिंग व्यवस्था से कई योग्य छात्र मुख्य परीक्षा से वंचित हो रहे हैं, जो न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने मांग की कि आयोग पारदर्शी तरीके से न्यूनतम कटऑफ घोषित करे, ताकि प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
ज्ञापन सौंपने वालों में अनुपम सिंह, संदीप सिंह, पंकज सिंह, अमन यादव, पंकज पांडेय, प्रेम पांडे, रमाकांत, नेहा मिश्रा, खुशबू, खुशबू त्रिपाठी, बुशरा बानो सहित अन्य अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
