राष्ट्रीय: उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा को लेकर गुजरात सरकार ने एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि दुकानदार किसी वस्तु को “बिका हुआ सामान वापस नहीं होगा” लिखकर ग्राहक को उसके अधिकार से वंचित नहीं कर सकते। इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं को उन वस्तुओं को लौटाने का अधिकार है जो उनकी जरूरतों के मुताबिक फिट नहीं बैठतीं।
गुजरात सरकार के सर्कुलर के मुताबिक, अगर कोई व्यापारी बेचा हुआ माल वापस लेने से इनकार करता है तो उसके खिलाफ उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। दोषी पाए जाने पर व्यापारी के खिलाफ जुर्माना और सजा का भी प्रावधान है।
हाल ही में, एक महिला ने अहमदाबाद के एक शोरूम से अपने पति के लिए 16 हजार रुपये की घड़ी खरीदी। लेकिन घड़ी की बेल्ट पति की कलाई के लिए छोटी निकली। जब महिला इसे लौटाने शोरूम गई तो दुकानदार ने यह कहकर मना कर दिया कि बिल में स्पष्ट रूप से लिखा है कि बेची गई घड़ी वापस नहीं ली जाएगी। इससे नाराज होकर महिला ने उपभोक्ता संरक्षण फोरम में शिकायत दर्ज कराई है।
गुजरात उपभोक्ता अदालत में इस तरह के 70 से अधिक मामले लंबित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राहक के पास वस्तु को उसी रूप में वापस करने का कानूनी अधिकार है, यदि वह उसकी आवश्यकताओं के अनुसार फिट नहीं बैठती है।
