के के मिश्रा संवाददाता।
संत कबीर नगर। उप जिलाधिकारी धनघटा अरूण कुमार ने बताया है कि तहसील-धनपटा, अन्तर्गत 03 ग्रामोें, चपरा पूर्वी, छपरा मग्रवी व आगापुर उर्फ गुलरिहा के राजस्व अभिलेख अभिप्रमाणित न होने के कारण राजस्व कार्यों के नियमानुसार निष्पादन में समस्या आ रही थी। उक्त ग्रामों के कृषकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा था। अभिलेख अप्रमाणित होने के कारण कृषकों द्वारा धारित भूमि की पैमाइस आदि का कार्य संभव नहीं हो पा रहा था।
उन्होंने बताया कि मा0 राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से संज्ञानित कराया गया। मा० राजस्व परिषद द्वारा प्रश्नगत ग्रामों के अभिलेखों को अद्यतन किये जाने की रूपरेखा तय करते हुए जिलाधिकारी महोदय को अग्रेत्तर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। उक्त निर्देश के कम में प्रश्नगत ग्रामों में चौपाल लगा कर खतौनी की प्रविष्टियों को पढ़कर सुनाया गया तथा चौपाल के दौरान प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण करते हुए खतौनी को शुद्ध करने की कार्यवाही विगत मासों में प्रचलित रही। ग्राम आगापुर उर्फ गुलरिहा में प्राप्त आपत्तियों के कम में खतौनी को शुद्ध/अद्यतन करते हुए वर्तमान फसली वर्ष 1430-1435 फ० में आमजन के उपयोगार्थ खोल दी गई है। अन्य 02 ग्रामों चपरा पूर्वी व छपरा मगर्वी की खतौनी की अद्यतन किये जाने की कार्यवाही अंतिम चरण में है। प्रचलित कार्यवाही शीघ्र ही पूर्ण कर इन ग्रामों की खतौनी भी सामान्य जन के उपयोगार्थ खोल दी जायेगी।
उन्होंने बताया कि उक्त ग्रामों में चौपाल में प्राप्त आपत्तियों के क्रम में खतौनी को शुद्ध/अद्यतन किये जाने की कार्यवाही, काश्तकारों द्वारा उपलब्ध कराये गये साक्ष्यों के आधार पर की गई है। इसे परिष्कृत/पुष्ट करने की प्रक्रिया आगामी लगभग 01 वर्ष तक प्रचलित रहेगी। तत्क्रम में इस अवधि में प्रश्नगत ग्रामों चपरा पूर्वी, छपरा मर्गवी व आगापुर उर्फ गुलरिहा में भूमि अन्तरणों को निषेधित किये जाने के निर्देश जिलाधिकारी महोदय द्वारा दिये गये है। उक्त वर्णित स्थिति व तत्कम में जिलाधिकारी महोदय के निर्देश के अनुपालन में यह उचित होगा कि उक्त ग्रामों में भू-अन्तरणों के पंजीकरण की कार्यवाही न की जाय।
