लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 के दौरान योगी सरकार ने उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 को बहुमत से पारित करा लिया। दोनों विधेयक सदन में उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय द्वारा प्रस्तुत किए गए।
सदन में प्रस्ताव रखते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाना है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय एवं एकात्म मानववाद के दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ग्रामीण, पिछड़े और वंचित क्षेत्रों में विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए ठोस निर्णय ले रही है, जिससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
संशोधन विधेयक के तहत ज्ञानपुर (जनपद भदोही) स्थित काशी नरेश स्नातकोत्तर महाविद्यालय को उन्नत कर विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। इससे 23 महाविद्यालयों का संबद्धीकरण संभव होगा और हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
द्वितीय संशोधन विधेयक के माध्यम से शाहजहांपुर स्थित मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट की शैक्षिक इकाइयों को उच्चीकृत कर स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया गया है। ट्रस्ट द्वारा एमओयू के तहत भूमि एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाने से 60 क्षेत्रीय महाविद्यालयों का संबद्धीकरण होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। सरकार की नीति हर जिले तक विश्वविद्यालय पहुंचाने की है, ताकि शिक्षा का संतुलित और विकेंद्रीकृत विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार गुणवत्ता सुधार, शोध, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कौशल आधारित शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रही है, जिससे उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाया जा सके।
