बस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष माननीय जनपद न्यायाधीश के दिशानिर्देशन एवं सचिव माननीय राजबाबू के मार्गदर्शन में वर्ष 2025 के दौरान लीगल एड डिफेन्स काउंसिल द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया। निःशुल्क विधिक सहायता के तहत जिला कारागार बस्ती में निरुद्ध 121 अभियुक्तों को रिहा कराया गया।
यह जानकारी चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल कौशल किशोर श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि National Legal Services Authority के निर्देश पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लीगल एड डिफेन्स काउंसिल सिस्टम की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से गिरफ्तार अभियुक्तों को रिमांड, जमानत एवं विचारण स्तर पर निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जा रही है।
रिमांड और जमानत स्तर पर सहायता
वर्ष 2025 में: 316 अभियुक्तों को रिमांड स्तर पर विधिक सहायता प्रदान की गई।
मजिस्ट्रेट न्यायालय में असिस्टेंट लीगल एड डिफेन्स काउंसिल नीतीश कुमार श्रीवास्तव एवं सुश्री दीप्ति पांडेय द्वारा जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 109 जमानत आवेदन स्वीकृत हुए।
सत्र परीक्षणीय मामलों में डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल शैलजा कुमार पांडेय एवं कौशल किशोर श्रीवास्तव द्वारा 71 आवेदन पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 46 स्वीकृत हुए।निरस्त मामलों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय विधिक सेवा परामर्श सेवा समिति को प्रेषित किया गया है।
बंदियों से सतत संवाद
लीगल एड डिफेन्स काउंसिल सिस्टम के अंतर्गत जिला कारागार बस्ती में पैरा-लीगल वालंटियर्स के माध्यम से बंदियों से नियमित संवाद स्थापित किया जा रहा है। बंदियों द्वारा मांग किए जाने पर उनके मुकदमों की प्राथमिकता के आधार पर पैरवी की जा रही है।
पात्र लोगों से लाभ लेने की अपील
कौशल किशोर श्रीवास्तव ने अपील की कि ऐसे व्यक्ति जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है अथवा जो अनुसूचित जाति, महिला या दिव्यांग श्रेणी में आते हैं, वे निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना ही विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य है।
