कुदरहा, बस्ती। ब्लॉक बस्ती सदर के ग्राम भौसिंहपुर में भक्ति और उत्साह का अनोखा नजारा देखने को मिला, जहां मात्र 6 वर्ष के मासूम सैफुद्दीन ने चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद अपना पहला रोजा मुकम्मल किया। नन्हे सैफुद्दीन के इस जज्बे को देखकर न केवल उनके परिजन, बल्कि पूरे गांव के लोग भी आश्चर्य और खुशी व्यक्त कर रहे हैं।
सैफुद्दीन के पिता मोहम्मद मुस्तकीम और माता उम्मतुन्निशा हैं। उन्होंने सुबह तड़के उठकर सहरी की और पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए खुदा की इबादत में समय बिताया।
इबादत में गुजरा पूरा दिन
सैफुद्दीन ने केवल रोजा ही नहीं रखा, बल्कि पूरे दिन बड़े-बुजुर्गों की तरह अनुशासन का भी परिचय दिया। उन्होंने समय पर नमाज अदा की और पूरे दिन धैर्य के साथ भूख-प्यास को सहन किया। इतनी कम उम्र में उनके इस संकल्प ने सभी को प्रभावित किया।
इफ्तार पर घर में ईद जैसा माहौल
इफ्तार के समय जब सैफुद्दीन ने अपना रोजा खोला तो घर में खुशी का माहौल बन गया और माहौल ईद जैसा खुशनुमा हो गया। पिता मोहम्मद मुस्तकीम ने बताया कि सैफुद्दीन खुद रोजा रखने की जिद कर रहा था। उसकी हिम्मत देखकर परिवार ने उसे अनुमति दी और उसने सफलतापूर्वक अपना पहला रोजा पूरा किया।
माता उम्मतुन्निशा ने बेटे की सलामती और उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआएं मांगीं। इफ्तार के बाद आसपास के लोगों और रिश्तेदारों ने सैफुद्दीन को दुआओं और तोहफों से नवाजा।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इतनी कम उम्र में धार्मिक संस्कारों और अनुशासन के प्रति ऐसी लगन सचमुच प्रेरणादायक है।
