लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शनिवार को डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का पांचवा स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा शामिल हुए।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट का विमोचन किया, नवनिर्मित सुविधाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया और चिकित्सा-शिक्षा, रोगी सेवा, अनुसंधान व प्रशासनिक कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले महानुभावों को सम्मानित किया।
इस मौके पर सीएम योगी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया। लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि डॉक्टरों का व्यवहार मरीजों के लिए काफी अहम होता है। गरीब परिवारों के प्रति आपकी संवेदना होनी चाहिए। अस्पताल में मरीजों को स्ट्रेचर मिल जाए। वार्ड बॉय उनकी मदद करें।
“20 बेड से 1,375 बेड तक का सफर विरला”
मुख्यमंत्री ने कहा कि मात्र 19 वर्षों में 20 बेड का अस्पताल 1,375 बेड का अत्याधुनिक संस्थान बन गया है। यह ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ मेडिकल सुविधा के रूप में पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।
संस्थान के वाहन से शव पीड़ितों के घर तक पहुंचा दें-
उन्होंने कहा कि यदि किसी गरीब परिवार के किसी व्यक्ति की दुखद मौत हो जाती है, तो संस्थान के वाहन से शव उसके घर तक पहुंचा दें। हमारे पास वाहन नहीं है तो संस्थान एक वाहन खरीद लें। निजी एंबुलेंस जो मरीजों को निजी अस्पताल ले जाती हैं, इन पर रोक लगनी चाहिए। पेशेवर ब्लड डोनेशन करने वाले लोग मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हैं। इस पर भी रोक लगे।
सीएम ने आगे कहा कि लोगों ने सोशल मीडिया को नजरअंदाज किया। विकास किस तरह बाधित हो जाता है। ये हमने पड़ोसी देश में देखा। आज के युग के अनुरूप हमें हर क्षेत्र में खुद को तैयार करना होगा। सेवा पखवाड़ा के दौरान पीएचसी, सीएचसी में आरोग्य मेले लगेंगे। आरएमएल को भी इसमें हिस्सा लेना चाहिए। तमाम घुमंतू जातियां अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखतीं। हमें उन लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना चाहिए।
जमीन मिलने पर होगा विस्तार:- उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि लोहिया संस्थान के विस्तार के लिए दूरदर्शन से बात चल रही है। वो जमीन मिलने से यहां का विस्तार हो सकेगा। यह जमीन संस्थान के पास ही उपलब्ध है।
