लखनऊ। अमेरिका के प्रख्यात वैदिक विद्वान डॉ. डेविड फ्रॉले ने राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान योग, आयुर्वेद, सनातन संस्कृति और वैश्विक आध्यात्मिक पुनर्जागरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व और कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए डॉ. फ्रॉले ने कहा कि योगी आदित्यनाथ राजनीति के शुद्धिकरण की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नाथ परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा प्राचीन योग संस्कृति से जुड़ी है और आज भी भारत में जीवंत है। गोरक्ष पीठाधीश्वर के रूप में योगी आदित्यनाथ न केवल इन परंपराओं का संरक्षण कर रहे हैं, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर विस्तार भी दे रहे हैं।
डॉ. फ्रॉले के अनुसार योगी आदित्यनाथ शरीर, मन और समाज के समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं और भारत की वे परंपराएं, जो संपूर्ण मानवता के लिए प्रासंगिक हैं, उनके नेतृत्व में नई ऊर्जा प्राप्त कर रही हैं।
अमेरिकी विद्वान ने अयोध्या के विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ‘नई अयोध्या’ का स्वरूप अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि अयोध्या का कायाकल्प वेदों की ओर लौटने का मार्ग है और प्रभु राम का दर्शन आध्यात्मिक रूप से अत्यंत सुखद अनुभव प्रदान करता है।
भगवान राम को भारत की आत्मा का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि वे सूर्यवंश की परंपरा से जोड़ते हैं और विभिन्न धार्मिक धाराओं को एक सूत्र में पिरोते हैं।
डॉ. फ्रॉले ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व धीरे-धीरे अपनी आध्यात्मिक चेतना से दूर होता जा रहा है। ऐसे समय में वेद, योग, आयुर्वेद और अन्य भारतीय परंपराओं का नवोन्मेष और पुनर्जीवन अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार इस दिशा में योगी आदित्यनाथ जैसा नेतृत्व केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ में तेज है, क्योंकि वे ‘आदित्य’ हैं और सूर्य तत्व से जुड़े हैं। आत्मविद्या के लिए आदित्य की ओर देखा जाता है और सूर्य ही योग का आधार है। मुख्यमंत्री के साथ बिताए गए क्षणों को उन्होंने अपने जीवन के यादगार और सम्मानपूर्ण अनुभवों में शामिल बताया।
