लखनऊ। आज शाम आकाश में वर्ष 2026 का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। मौसम साफ रहने पर भारत के अनेक हिस्सों सहित उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी इसका अंतिम चरण देखा जा सकेगा। पूर्ण अवस्था के दौरान चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई दे सकता है, जिसे सामान्य भाषा में “रक्त चंद्र” कहा जाता है।
🌕 लखनऊ में कब और कितना दिखेगा?
लखनऊ में सूर्यास्त का समय सायं 6:08 बजे है। चंद्रमा पूर्व दिशा में उदित होगा, उस समय पूर्ण चरण समाप्त हो चुका होगा, किंतु आंशिक ग्रहण जारी रहेगा।
लखनऊ में चंद्र ग्रहण को देखने की संभावित अवधि लगभग 39 मिनट होगी। इस दौरान चंद्रमा हल्का धुंधला अथवा लालिमा लिए दिखाई दे सकता है।
🕒 ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)
उपछाया ग्रहण प्रारंभ – दोपहर 2:14 बजेआंशिक ग्रहण प्रारंभ – 3:20 बजे
पूर्ण ग्रहण प्रारंभ – 4:34 बजे
पूर्ण ग्रहण समाप्त – 5:33 बजे (कुल अवधि 59 मिनट)
आंशिक ग्रहण समाप्त – 6:47 बजे
उपछाया ग्रहण समाप्त – 7:53 बजे
🔭 विशेष आयोजन
इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला द्वारा आज नक्षत्रशाला परिसर में रात्रि आकाश दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
दूरबीन से चंद्र ग्रहण का अवलोकन कराया जाएगा। कार्यक्रम सायं से रात्रि 7 बजे तक चलेगा। प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। आयोजन में उत्तर प्रदेश अमेच्योर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब का सहयोग रहेगा
🌍 चंद्र ग्रहण कैसे होता है?
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। यह घटना केवल पूर्णिमा की रात को संभव है।
पूर्ण चंद्र ग्रहण के समय सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर चंद्रमा तक पहुंचता है। वायुमंडल नीली रोशनी को अधिक बिखेर देता है और लाल रोशनी को आगे जाने देता है, इसी कारण चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई देता है।
चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा से लगभग 5 डिग्री झुकी होती है, इसलिए हर पूर्णिमा पर ग्रहण नहीं लगता। जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं, तभी यह खगोलीय घटना घटित होती है।
इस प्रकार, 3 मार्च 2026 का यह पूर्ण चंद्र ग्रहण खगोल प्रेमियों और आम नागरिकों के लिए एक विशेष और रोचक अवसर है।
