लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि और किसानों के सर्वांगीण विकास को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय योजनाओं के लिए कुल 101.18 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस धनराशि के माध्यम से प्रदेश में बीज स्वावलंबन, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और तिलहन उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई परियोजनाओं को मजबूती मिलेगी।
जारी स्वीकृतियों के अनुसार, सबसे बड़ी धनराशि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (डीपीआर) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए सामान्य श्रेणी में 66.19 करोड़ रुपये की स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ही 25.65 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय स्वीकृति भी जारी की गई है।
प्रदेश में बीज आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश बीज स्वावलंबन नीति 2024 के तहत ‘सीड पार्क विकास परियोजना’ के लिए 6.14 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसके साथ ही तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ‘नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल (ऑयल सीड)’ योजना के अंतर्गत 2.35 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत विभिन्न कृषि कार्यों के लिए 71 लाख रुपये तथा ‘स्टेट लिंक्ड स्कीम मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्यक्रम’ के लिए 13.17 लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत की गई है।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सरकार द्वारा दी गई इस वित्तीय स्वीकृति से प्रदेश में कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी और किसानों के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, कृषि उत्पादन को बेहतर बनाना और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।
