बस्ती। जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन भले ही कमी से इनकार कर रहा हो, लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत नजर आ रही है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लगी हैं, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गैस न मिलने पर एक गरीब महिला को चूरा-भूजा खाकर दिन बिताना पड़ा, वहीं सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े एक बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ गई। ये घटनाएं संकेत देती हैं कि समस्या वास्तविक है, केवल अफवाह नहीं।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सिंह और नगर उपाध्यक्ष इरफान खान ने प्रशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि गैस की कमी नहीं है, तो एजेंसियों पर इतनी भीड़ क्यों है। लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
व्यापार मंडल ने आरोप लगाया कि कमर्शियल गैस की आपूर्ति लगभग ठप है, जिससे छोटे व्यापारियों, होटल-ढाबा संचालकों और गैस पर निर्भर लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थिति का वास्तविक आकलन कर आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाए और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा।
फिलहाल बस्ती में गैस संकट को लेकर हालात चिंताजनक बने हुए हैं और आम जनता के साथ-साथ व्यापारी वर्ग की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।
