•51.3 किमी लंबी परियोजना से दूरी घटेगी, यात्रा होगी आसान, क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति।
रिपोर्ट: एल०एम० पाण्डेय।
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास को गति देते हुए महराजगंज जनपद के लिए एक बड़ी सौगात दी गई है। आनन्दनगर-घुघुली नई रेल लाइन निर्माण परियोजना का कार्य प्रारंभ हो गया है, जिससे लंबे समय से रेल संपर्क से वंचित महराजगंज जिला मुख्यालय को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
परियोजना के प्रथम चरण में घुघुली से महराजगंज तक नई रेल लाइन के निर्माण हेतु टेंडर अवार्ड किया जा चुका है, जबकि द्वितीय चरण में महराजगंज से आनन्दनगर तक टेंडर प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके साथ ही आनन्दनगर यार्ड के रीमॉडलिंग का कार्य भी प्रस्तावित है।
इस परियोजना के लिए कुल 244 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। लगभग 51.30 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन पर एक महत्वपूर्ण पुल का निर्माण तेजी से जारी है। साथ ही 20,000 घनमीटर मिट्टी का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
परियोजना के तहत 25 बड़े पुल, 8 छोटे पुल तथा 44 सड़क अंडरपास/सीमित ऊंचाई के सब-वे बनाए जाएंगे, जिनमें से कई पर कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा पिपरा, मुन्दारी, शिकारपुर, पकरी नौनिया और परसिया बुजुर्ग में हाल्ट स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। आनन्दनगर स्टेशन यार्ड तथा महराजगंज स्टेशन भवन का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है।
नई रेल लाइन के शुरू होने से वर्तमान में 307 किमी की दूरी घटकर 265 किमी रह जाएगी, जिससे लगभग 42 किमी की कमी आएगी। गोरखपुर जंक्शन के बाईपास होने से यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी होगी और स्टेशन पर दबाव कम होगा।
यह परियोजना न केवल यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाएगी, बल्कि कृषि प्रधान क्षेत्र में सीमेंट, खाद, कोयला और अनाज की ढुलाई को भी सुगम बनाएगी। इससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
साथ ही, यह लाइन उत्तर भारत से वाल्मीकिनगर एवं रक्सौल होते हुए पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक वैकल्पिक रेल मार्ग प्रदान करेगी। ब्रॉड गेज की यह विद्युतीकृत लाइन नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी।
परियोजना को दो चरणों में पूर्ण किया जाएगा—प्रथम चरण में घुघुली से महराजगंज तथा द्वितीय चरण में महराजगंज से आनन्दनगर तक कार्य संपन्न किया जाएगा।
