— के. के. मिश्रा, संवाददाता
संत कबीर नगर: जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।


बैठक में अपर जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, स्वास्थ्य संकेतकों की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। मुख्य चिकित्साधिकारी ने एजेंडा बिंदुओं सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति एवं लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की।
अपर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण तथा कुपोषण की स्थिति की सतत निगरानी पर जोर दिया।
बैठक में पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। स्वास्थ्य सेवाओं के मूल्यांकन के दौरान उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के प्रभावी संचालन, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं की कार्यप्रणाली तथा उनके भुगतान से संबंधित मामलों की गहन समीक्षा के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण स्तर पर कार्यरत प्रत्येक आशा एवं एएनएम के कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन एवं उनके परिणामों की सतर्क मॉनिटरिंग करने पर भी बल दिया।
अपर जिलाधिकारी ने जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण सीआरएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने अस्पतालों में मरीजों के लिए मूलभूत सुविधाएं जैसे बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, व्हीलचेयर एवं अन्य आवश्यक चिकित्सीय उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
समीक्षा के दौरान जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत भुगतान की स्थिति, संस्थागत प्रसव के आंकड़े, ओपीडी/आईपीडी में मरीजों की संख्या तथा दवाओं के वितरण की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जिला क्षय रोग समिति, संचारी रोग नियंत्रण, रेबीज टीकाकरण, सर्पदंश (स्नेक बाइट) वैक्सीन की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं दवाओं की उपलब्धता सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कन्नौजिया, स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधि, एमओआईसी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
