•महाप्रबन्धक उदय बोरवणकर ने कहा—भाषा में उत्कृष्टता लाने के लिए प्रतिदिन नया शब्द सीखें।
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर में महाप्रबन्धक उदय बोरवणकर की अध्यक्षता में क्षेत्रीय रेलवे राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी, मंडलों के अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी तथा उत्पादन इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान लेखा विभाग की सहायक वित्त सलाहकार अंजू मिश्र ने केन्द्रीय सरकार की पेंशन योजनाओं पर प्रस्तुति दी। इस अवसर पर महाप्रबन्धक ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे क्षेत्र हिन्दी साहित्य की समृद्ध परंपरा वाला क्षेत्र रहा है, जहां अनेक साहित्यकारों ने भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अब केवल आंकड़ों की उपलब्धि पर्याप्त नहीं है, बल्कि हिन्दी के प्रयोग में शुद्धता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि बोलचाल में प्रयुक्त अंग्रेजी शब्दों के स्थान पर शुद्ध हिन्दी शब्दों का प्रयोग करें तथा भाषा को मधुर और प्रभावी बनाएं। साथ ही उन्होंने 26 मार्च को महादेवी वर्मा की जयंती का उल्लेख करते हुए उनके जीवन और साहित्य से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
मुख्य राजभाषा अधिकारी प्रकाश चन्द्र जायसवाल ने बताया कि रेलवे में हिन्दी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां अभी भी अंग्रेजी में कार्य हो रहा है, उसे चिन्हित कर हिन्दी में कार्य सुनिश्चित किया जाए, ताकि पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ सके।
बैठक में पिछली कार्यवाही की समीक्षा की गई तथा आगामी बैठक के लिए सिविल इंजीनियरिंग विभाग को प्रस्तुति देने हेतु नामित किया गया। अंत में उप मुख्य राजभाषा अधिकारी याकूब शेख ने सभी उपस्थित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
