•रेल संरक्षा आयुक्त ने किया निरीक्षण, परियोजना से पूर्वांचल में रेल कनेक्टिविटी और संचालन होगा बेहतर।
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के भटनी-औंड़िहार रेलखंड के अंतर्गत पिवकोल-सलेमपुर-लार रोड (14.51 किमी) खंड के दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य पूर्ण होने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना ने विस्तृत संरक्षा निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) अभय कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी आशीष जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान लार रोड एवं सलेमपुर स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, वी.डी.यू. पैनल, रिले रूम, पावर सप्लाई, ऑप्टिकल फाइबर प्रणाली, समपार फाटकों, प्लेटफार्मों तथा पैदल उपरिगामी पुलों की मानक स्थिति का गहन परीक्षण किया गया। साथ ही विभिन्न पुलों, अंडरपास, ट्रैक की दूरी, ड्रेनेज व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की गई।
रेल संरक्षा आयुक्त ने पिवकोल से सलेमपुर और लार रोड तक पूरे खंड का निरीक्षण करते हुए यार्ड रिमॉडलिंग, रेलवे ओवरब्रिज निर्माण और अन्य तकनीकी कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के अंत में ओएमएस स्पेशल ट्रेन से पिवकोल-लार रोड खंड पर 127 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति से सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया।
इस परियोजना के पूर्ण होने से भटनी-औंड़िहार जैसे व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम होगा। लाइन क्षमता बढ़ने से यात्री एवं मालगाड़ियों की आवृत्ति और गति में वृद्धि होगी, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
परियोजना के तहत अब तक कुल 117 किमी रेलखंड का दोहरीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है, जिसमें कीड़िहरापुर-इंदारा, सादात-औंड़िहार, भटनी-पिवकोल समेत कई खंड शामिल हैं। शेष लार रोड-बेल्थरा रोड (13.85 किमी) खंड का कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिसमें घाघरा नदी पर महत्वपूर्ण रेल पुल का निर्माण अंतिम चरण में है।
इस दोहरीकरण परियोजना के पूर्ण होने पर गोरखपुर से वाराणसी तक पूरा रेलमार्ग दोहरीकृत हो जाएगा, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया, बलिया, मऊ और गाजीपुर जिलों में रेल कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
