बस्ती। शहर से सटे नगर पंचायत गणेशपुर स्थित एसपीपीवाई शिशु विद्यालय परिसर में गुरुवार को स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन सक्षम कल्चर सेवा समिति के तत्वावधान में किया गया।

इस अवसर पर शिक्षाविदों, समाजसेवियों और विद्यार्थियों ने स्वामी दयानंद के योगदान पर विमर्श करते हुए उनके ‘वेदों की ओर लौटो’ के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। साथ ही 25 जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को स्वेटर वितरित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी डॉ. सत्येंद्र प्रताप सिंह और अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के प्रधानाचार्य अवनीश चौधरी द्वारा माँ सरस्वती एवं स्वामी दयानंद सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
प्रधानाचार्य अवनीश चौधरी ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती केवल सन्यासी नहीं, बल्कि एक क्रांतिकारी चिंतक थे, जिन्होंने भारतीय समाज को नई चेतना दी। उन्होंने युवाओं से ‘सत्यार्थ प्रकाश’ से प्रेरणा लेने और शिक्षा को चरित्र निर्माण का माध्यम बनाने का आह्वान किया।
डॉ. सत्येंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सराहनीय प्रयास है। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। देशभक्ति गीतों, स्वागत गीत, सरस्वती वंदना और स्वामी दयानंद के जीवन पर आधारित कविताओं ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
अंत में विद्यालय परिवार और समिति की ओर से आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ, समिति के स्वयंसेवक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
