गोरखपुर। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा रेल संपत्ति की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर रोक तथा यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ मानव तस्करी रोकने के लिए ‘बचपन बचाओ अभियान’ के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण कार्यवाहियां की गईं।
15 मार्च 2026 को आरपीएफ पोस्ट छपरा को ट्रेन संख्या 15560 के जनरल कोच में यात्रा कर रही एक 25 वर्षीय महिला को प्रसव पीड़ा होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही आरपीएफ की महिला कर्मियों और चिकित्सकों ने तुरंत सहायता प्रदान की, जिसके बाद महिला ने सुरक्षित रूप से एक बच्ची को जन्म दिया।
इसी प्रकार 14 मार्च 2026 को आरपीएफ औड़िहार को औड़िहार रेलवे स्टेशन पर तीन बच्चों के साथ 32 वर्षीय एक महिला लावारिस अवस्था में मिली। पूछताछ के बाद महिला और बच्चों को उनके पति के सुपुर्द कर दिया गया।
उसी दिन आरपीएफ और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) सीतापुर को ट्रेन संख्या 14603 में दो नाबालिग लड़के और एक लड़की लावारिस हालत में मिले। पूछताछ के बाद तीनों को चाइल्ड लाइन सीतापुर के सुपुर्द कर दिया गया।
वहीं 14 मार्च 2026 को अपराध आसूचना शाखा गोंडा और आरपीएफ बहराइच की संयुक्त कार्रवाई में रेलवे स्टेशन पयागपुर के आरक्षण केंद्र से रेलवे टिकटों के अवैध कारोबार में संलिप्त एक टिकट दलाल को दो आरक्षित काउंटर टिकटों के साथ गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा 12 मार्च 2026 को आरपीएफ छपरा को ट्रेन संख्या 15160 में एक यात्री का छूटा हुआ बैग मिला, जिसे सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट पर रखा गया। 15 मार्च को यात्री के आने पर सत्यापन के बाद बैग उसे सौंप दिया गया।
आरपीएफ की इन कार्रवाइयों से यात्रियों को सुरक्षा और सहायता प्रदान करने के साथ ही अवैध गतिविधियों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा
