•पिवकोल–लार रोड खंड (14.53 किमी.) का आज होगा सीआरएस निरीक्षण।
रिपोर्ट: एल०एम० पाण्डेय ।
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को प्राथमिकता देते हुए भटनी–औंड़िहार रेलखंड के दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य में तेजी लाई जा रही है। लगभग 117 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट पर 1177.96 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर है। यह परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया, बलिया, मऊ एवं गाजीपुर जनपदों को जोड़ती है।
परियोजना के तहत पिवकोल–लार रोड (14.53 किमी.) खंड का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस नव विकसित खंड का निरीक्षण 25 मार्च 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), उत्तर पूर्व सर्किल द्वारा किया जाएगा, जिसमें स्पीड ट्रायल भी शामिल रहेगा।
आमजन से विशेष अपील
रेल प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल के दौरान इस रेलखंड पर न जाएं और न ही अपने मवेशियों को ट्रैक के पास जाने दें, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
89 किमी रेलखंड पहले ही तैयार
इस परियोजना के अंतर्गत अब तक कुल 89 किमी रेलखंड का दोहरीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है। इनमें कीड़िहरापुर–इंदारा, सदात–औंड़िहार, भटनी–पिवकोल, बेलथरा रोड–कीड़िहरापुर, दुल्लहपुर–सादात तथा मऊ–दुल्लहपुर खंड शामिल हैं।
अंतिम चरण में सलेमपुर–बेलथरा रोड खंड
परियोजना के अंतिम चरण में सलेमपुर–बेलथरा रोड (13 किमी.) खंड पर कार्य तेजी से चल रहा है, जिसमें घाघरा नदी पर तुर्तीपार रेल पुल का निर्माण भी शामिल है।
यात्रा होगी आसान, बढ़ेगी ट्रेन क्षमता
भटनी–औंड़िहार रेलखंड के पूर्ण दोहरीकरण से गोरखपुर का सीधा जुड़ाव वाराणसी और प्रयागराज से दोहरीकृत रेल लाइनों के माध्यम से हो जाएगा। इससे लाइन क्षमता में वृद्धि, ट्रेनों का सुगम संचालन, क्रॉसिंग में कमी और यात्रा समय में उल्लेखनीय सुधार होगा।
इसके साथ ही क्षेत्र में आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे पूर्वांचल के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
