गोरखपुर। देश में माल परिवहन को आधुनिक और किफायती बनाने की दिशा में गति शक्ति कार्गो टर्मिनल योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि देशभर में अब तक 128 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल कमीशन किए जा चुके हैं और संचालित हो रहे हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे में भी इस योजना के तहत माल ढुलाई को तेज, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए कार्य तेजी से किया जा रहा है। वर्तमान में रेलवे पर 4 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू हो चुके हैं, जबकि 9 अन्य टर्मिनलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
संचालित टर्मिनलों में नकहा जंगल स्थित हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड में उर्वरक (यूरिया) की लोडिंग, सहजनवा स्थित अंकुर उद्योग लिमिटेड में सरिया लोडिंग व कोयला अनलोडिंग, जसोदा में अडाणी एग्री लॉजिस्टिक लिमिटेड द्वारा खाद्यान्न अनलोडिंग तथा लखनऊ स्थित नेशनल कोलेटरल मैनेजमेंट सर्विस में खाद्यान्न अनलोडिंग का कार्य किया जा रहा है।
वहीं, नए प्रस्तावित टर्मिनलों में कैम्पियरगंज, भोपतपुर, हथुआ, अटरिया (लखनऊ), हंडिया खास, चौरी-चौरा, सठियांव, शहबाजनगर तथा रुद्रपुर सिटी जैसे स्थान शामिल हैं, जहां निर्माण कार्य जारी है।
इन कार्गो टर्मिनलों में आधुनिक मशीनों के माध्यम से लोडिंग और अनलोडिंग की सुविधा उपलब्ध है, जिससे समय की बचत होती है और माल तेजी से गंतव्य तक पहुंचता है। साथ ही, रेल और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने से परिवहन लागत में भी कमी आती है।
गति शक्ति कार्गो टर्मिनल के माध्यम से सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक, अनाज और एफएमसीजी जैसे विभिन्न उद्योगों को सीधे जोड़ा जा रहा है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत हो रही है। इसके अलावा, स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पादों और छोटे उद्योगों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में भी मदद मिल रही है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पहल न केवल माल ढुलाई को आधुनिक और प्रभावी बना रही है, बल्कि क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और रेलवे की आय में वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
