•महाप्रबंधक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ, समता और न्याय के मूल्यों पर चलने का किया आह्वान।
विजयदूत न्यूज़ ब्यूरो।
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय, गोरखपुर स्थित रेलवे प्रेक्षागृह में “भारत रत्न” डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाप्रबंधक श्री उदय बोरवणकर ने की, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक श्री वी.के. शुक्ल, प्रमुख विभागाध्यक्षों, वरिष्ठ अधिकारियों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति एसोसियेशन के पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में रेलकर्मियों ने डॉ. अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्वोत्तर रेलवे कला समिति के कलाकारों द्वारा भजन प्रस्तुति से हुई।
अपने संबोधन में महाप्रबंधक श्री उदय बोरवणकर ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर आधुनिक भारत के महानायक और युगद्रष्टा थे। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया। बाबा साहब के जीवन से प्रेरणा लेते हुए युवाओं को ज्ञान, साहस और सामाजिक उत्तरदायित्व के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि डॉ. अम्बेडकर के प्रेरणास्रोत गौतम बुद्ध, संत कबीर और महात्मा फुले थे, जिनके विचारों का प्रभाव उनके कार्यों में स्पष्ट दिखाई देता है।
प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री मनोज कुमार ने स्वागत संबोधन में कहा कि डॉ. अम्बेडकर एक महान चिंतक, समाज सुधारक और दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित भारतीय संविधान का निर्माण कर देश को एक सशक्त दिशा प्रदान की। आज उनके विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हैं और हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति एसोसियेशन के अध्यक्ष श्री बच्चू लाल एवं महामंत्री श्री रामप्रकाश ने बाबा साहब के संघर्षपूर्ण जीवन, उनके योगदान और सामाजिक सुधार के प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
समारोह के अंत में वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी/मुख्यालय श्री गोपाल प्रसाद गुप्ता ने सभी उपस्थित जनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन कला समिति की श्रीमती अंचला लाल ने किया।
