लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों और परिवारों को राहत राशि का त्वरित वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारी बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली तथा आंधी-तूफान से हुई फसल क्षति का आकलन कर 24 घंटे के भीतर प्रभावित किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
प्रमुख सचिव राजस्व द्वारा शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री भवन स्थित सभागार में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और आंधी-तूफान से हुई फसल क्षति, जनहानि, मकान क्षति तथा पशुहानि के संबंध में राहत राशि वितरण की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारी (राजस्व) तथा राजस्व एवं राहत विभाग के कार्मिकों को संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता के आधार पर राहत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी तथा सभी जिलाधिकारी प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत संवाद स्थापित करें।
उन्होंने बताया कि राहत राशि निर्गत करने के लिए शासन स्तर पर बजट की कोई कमी नहीं है। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा 15 मार्च 2026 से अब तक 20 करोड़ रुपये की राहत धनराशि विभिन्न जनपदों को जारी की जा चुकी है। यदि किसी जनपद में बजट की कमी हो तो तत्काल राहत आयुक्त कार्यालय से अतिरिक्त धनराशि की मांग करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने राहत वितरण कार्यों में शिथिलता बरतने वाले लापरवाह कार्मिकों के विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने आमजन से अपील की कि राहत राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई होने पर राहत आयुक्त कार्यालय के टोल फ्री नंबर 1070 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा 31 मार्च तक विभिन्न जनपदों में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली तथा आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है, ऐसे में आमजन सतर्क रहते हुए सावधानीपूर्वक अपने कार्य करें।
साथ ही जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में खराब मौसम से संबंधित सूचनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न माध्यमों से कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 मार्च 2026 से 28 मार्च 2026 तक बेमौसम बारिश के कारण प्रदेश में कुल 17 जनहानि और 11 पशुहानि दर्ज की गई है, जबकि सहारनपुर और ललितपुर जनपदों में 1661.75 हेक्टेयर फसल क्षति हुई है।
राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा रेड अलर्ट, ऑरेंज अलर्ट और यलो अलर्ट वाले जनपदों में ‘सचेत एप’ के माध्यम से लगभग 13 करोड़ संदेश भेजकर जनसामान्य को मौसम संबंधी जानकारी और सतर्कता के लिए जागरूक किया गया है।
