कुदरहा (बस्ती): क्षेत्र के ग्राम जिभियांव में मजहबी उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला, जब सात वर्षीय बालक तस्कीन अहमद ने भीषण गर्मी और कड़ी धूप के बावजूद अपने जीवन का पहला रोजा मुकम्मल किया। तस्कीन अहमद, सदरुद्दीन के सुपुत्र हैं।
नन्हे रोजेदार के जज्बे को देखकर परिवार और गांव के लोग काफी उत्साहित नजर आए। तस्कीन ने सुबह सहरी करने के बाद दिन भर बिना कुछ खाए-पिए इबादत में वक्त गुजारा और शाम को पूरे उत्साह के साथ इफ्तार किया।
इफ्तार के वक्त तस्कीन को माला पहनाकर और दुआएं देकर उनका हौसला बढ़ाया गया। पिता सदरुद्दीन ने बताया कि तस्कीन बचपन से ही घर के बड़ों को रोजा रखते देख खुद भी रोजा रखने की जिद कर रहा था।
“बच्चे का पहला रोजा पूरे परिवार के लिए बरकत और खुशी का पैगाम लेकर आया है। हम अल्लाह से उसकी सेहत और लंबी उम्र की दुआ करते हैं।” — सदरुद्दीन (पिता)
इस मौके पर रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने तस्कीन को मुबारकबाद दी और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
