•सरकार की पहल से जैंत में 17.5 एकड़ पर विकसित हो रहा आधुनिक औद्योगिक प्लेज पार्क
•डेवलपर्स को मात्र 1% ब्याज पर ऋण की सुविधा, निजी भूमि पर लगेंगे 61 नए उद्योग
,•एमएसएमई क्लस्टर से स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार, रुकेगा पलायन
मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का केंद्र ही नहीं, बल्कि औद्योगिक क्रांति का नया ठिकाना बन रहा है। ‘कान्हा की नगरी’ मथुरा जो अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए विश्व विख्यात है, अब सरकार की ‘प्लेज’ (PLEDGE) योजना के माध्यम से एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में उभरने को तैयार है। इस योजना के तहत निजी निवेश को प्रोत्साहन देकर जिले में रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
जैंत में साकार हो रहा ‘वृंदावन इंडस्ट्रियल प्लेज पार्क’
सरकार की प्रमोटिंग लीन मैन्युफैक्चरिंग एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट (प्लेज) योजना के अंतर्गत मथुरा के जैंत क्षेत्र में ‘वृंदावन इंडस्ट्रियल प्लेज पार्क’ का निर्माण तेजी से हो रहा है। वृंदावन डेवलपर एंड इंडस्ट्रियल प्रमोटर द्वारा 17.5 एकड़ निजी भूमि पर विकसित किए जा रहे इस पार्क की अनुमानित लागत 4.37 करोड़ रुपये है। इस आधुनिक पार्क में कुल 61 प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं, जहां मुख्य रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को प्राथमिकता दी जाएगी।
मात्र 1% ब्याज पर ऋण: निवेश के लिए सुगम राह
औद्योगिक विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने डेवलपर्स के लिए खजाना खोल दिया है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पार्क विकसित करने वाले उद्यमियों को मात्र 1% की वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उपायुक्त उद्योग चन्द्रभान सिंह ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा निजी भागीदारी के माध्यम से औद्योगिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना है। वृंदावन के जैंत क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति दिल्ली- आगरा हाईवे के निकट होने के कारण उद्योगों के लिए बेहद अनुकूल है। 1% ब्याज पर ऋण की सुविधा से सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
रोजगार के अवसर और आर्थिक सुदृढ़ीकरण
वृंदावन के जैंत क्षेत्र में विकसित हो रहा औद्योगिक क्लस्टर मुख्य रूप से विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) पर केंद्रित होंगे। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से स्थानीय कुशल व अकुशल श्रमिकों को अपने घर के पास ही सम्मानजनक रोजगार मिलेगा। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि युवाओं का महानगरों की ओर होने वाला पलायन भी रुकेगा। प्रशासन की सक्रियता और सरकार के वित्तीय सहयोग से अब मथुरा धर्म और आध्यात्म के साथ- साथ ‘इंडस्ट्रियल सिटी’ के रूप में भी अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में ‘प्लेज’ योजना के तहत निजी औद्योगिक पार्क झांसी, हापुड़, संभल, अलीगढ़, सहारनपुर, कानपुर देहात, बागपत, बरेली, गाजियाबाद, मेरठ, बाराबंकी, लखनऊ, वाराणसी, चंदौली, एटा आदि जनपद में विकसित किए जा रहे हैं। इसमें निवेशक 10 से 50 एकड़ तक की जमीन पर अपना औद्योगिक पार्क बना सकते हैं।
