•सावधान! फोन हैक कर रुपये उड़ाए, बैंक अफसर बनकर की ठगी।
प्रयागराज। प्रयागराज पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गैंग के तीन बदमाशों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। ये जालसाज फर्जी बैंक अधिकारी बनकर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने के नाम पर ठगी करते थे। साथ ही क्रेडिट कार्ड मे लगी इन्श्योरेन्स सर्विस हटाने के नाम पर फिशिंग लिंक एपीके फाइल भेजकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। ठगों के पास से जाली दस्तावेज, साइबर ठगी में इस्तेमाल 7 एंड्रॉइड व 01 कीपैड फोन, 07 सिम कार्ड, 05 एटीएम व 10 पासबुक बरामद हुई है। पकड़े गए तीनों जालसाज बिहार के हैं जो दिल्ली में रहकर साइबर ठगी कर रहे थे।
ज्ञात हो कि शहर के सिविल लाइंस थाने में एक मामला दर्ज हुआ था कि बैंक अफसर बनकर एक परिवार से लाखों रुपये ठगे गए। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस टीमें सक्रिय हुईं। जांच से साफ हुआ कि एसबीआई क्रेडिट कार्ड टीम का अधिकारी बनकर कॉल किया गया था। कारोबारी से कहा गया कि क्रेडिट कार्ड पर इन्श्योरेन्स लगा है, जिसे हटाने के सम्बन्ध में लिंक भेजा गया है, उसे एक्टीवेट करने से वह हट जाएगा। जैसे ही कारोबारी ने लिंक ओपन किया मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद क्रेडिट कार्ड से 98,638 रुपये साइबर ठगी कर ली गई।
पकड़ गए ठगों में मोनू कुमार पुत्र विनय सिंह निवासी बाबा अपार्टमेन्ट कपासहेड़ा जिला साउथ वेस्ट दिल्ली, स्थाई पता ग्राम जिकटी जनपद मुजफ्फपुर बिहार, मो. साजिद उर्फ गोलू पुत्र मो. असलम निवासी वर्तमान कापसहेड़ा साउथ वेस्ट दिल्ली, स्थाई पता ग्राम हरीनगर थाना नेवतन जनपद पश्चिमी चम्पारण (बेतिया) बिहार और समीर आलम पुत्र अब्दुल कय्यूम मियां निवासी अम्बेडकर कोलोनी बिजवासन जनपद साउथवेस्ट दिल्ली, स्थाई पता ग्राम रामनगर थाना रामनगर जनपद पश्चिमी चम्पारण बेतिया बिहार शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में शातिरों ने कबूल किया कि फर्जी मोबाइल नंबरों से स्वयं को बैंक का अधिकारी बनकर कॉल करते थे। कई बार कॉल ट्रांसफर आदि का नाटक करते थे ताकि लगे कि बैंक से कॉल आई है। टार्गेट सेट होता था। कारोबारी आदि के बारे में पहले से जानकारी जुटा लेते थे। इसके बाद उन्हें बताते थे कि आपके क्रेडिट कार्ड पर इन्श्योरेन्स लगा जिससे आपका पैसा समय-समय पर कटता रहेगा, जिसको हटवाने के लिये व क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने के नाम पर यह लोग फिशिंग लिंक /एपीके फाइल पीड़ित को भेजते है।
इसके बाद शातिर फोन का रिमोट एक्सेस लेकर खातों से पैसें उड़ा देते है व म्यूल एकाउन्ट्स् में पैसे मंगवाकर विभिन्न एटीएम से पैसे निकाल कर आपस में बांट लेते है । पुलिस से बचने के लिए यह लोग फर्जी सिम, म्यूल एकाउन्ट्स का इस्तेमाल करते है और वाट्सएप कॉल का ही प्रयोग करते है।
