मेरठ। सोशल मीडिया पर अपने डायलॉग ’10 रुपये वाला बिस्कुट कितने का है जी’ से रातों-रात मशहूर हुए यूट्यूबर शादाब जकाती अब कानून के शिकंजे में फंस गए हैं। हंसी-मजाक के वीडियो बनाने वाले शादाब पर एक महिला ने रेप, बंधक बनाने और शारीरिक शोषण जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित महिला की शिकायत पर मेरठ पुलिस ने शादाब, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (बलात्कार) समेत कई संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
रील बनवाने के नाम पर जाल में फंसाया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित महिला मूल रूप से झारखंड की रहने वाली है और वर्ष 2016-17 में मेरठ आई थी। यहां उसने लव मैरिज की और टाइल-पत्थर की मजदूरी कर अपना गुजारा करती थी। रील बनाने के शौक के चलते वह फरवरी 2025 में अपने वीडियो के प्रमोशन के लिए शादाब जकाती के पास गई थी। आरोप है कि शादाब ने उसे यह झांसा दिया कि वीडियो चलने पर उसे मजदूरी नहीं करनी पड़ेगी और उसे काम पर रख लिया। लेकिन वहां रील बनवाने की आड़ में उससे घर के काम जैसे झाड़ू, पोछा और बर्तन साफ कराए जाने लगे।
डेढ़ साल तक नरक बनी जिंदगी
महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे किए हैं। उसका आरोप है कि शादाब ने उसे करीब डेढ़ साल तक बंधक बनाकर रखा और इस दौरान उसका लगातार शारीरिक शोषण किया गया। पीड़िता का कहना है कि शादाब की पत्नी साजिया भी उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज करती थी। उसे कई बार खाना तक नहीं दिया जाता था और जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। महिला ने एक अन्य युवती इरम के साथ भी शादाब के अवैध संबंधों का जिक्र किया है। प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने आत्महत्या तक करने का विचार कर लिया था, लेकिन अंत में हिम्मत जुटाकर उसने अपने पति को पूरी सच्चाई बताई।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, शादाब ने बताया साजिश
मेरठ देहात के एसपी अभिजीत कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि थाना इंचौली में मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, इन गंभीर आरोपों पर यूट्यूबर शादाब जकाती ने भी अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने फोन पर बातचीत और सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। शादाब का कहना है कि लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठे हैं।
