पवन कुमार रस्तोगी।
नई दिल्ली। भारत में नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का स्रोत अक्सर सीमित हो जाता है। यदि जीवनभर की कमाई का सही निवेश न किया जाए, तो बुढ़ापे में आर्थिक असुरक्षा की आशंका बनी रहती है। वरिष्ठ नागरिकों की इसी चिंता को दूर करने के लिए भारत सरकार द्वारा Senior Citizens Savings Scheme (एससीएसएस) चलाई जा रही है। यह एक सुरक्षित स्मॉल सेविंग्स स्कीम है, जो आकर्षक ब्याज दर और सरकारी गारंटी के साथ नियमित आय का अवसर प्रदान करती है।
क्या है सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस)?
Senior Citizens Savings Scheme भारत सरकार समर्थित निवेश योजना है, जिसे विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के भारतीय नागरिकों के लिए बनाया गया है।इसके अलावा—55 से 60 वर्ष की आयु के वे लोग जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) या सुपरएनुएशन लिया है, पात्र हैं।
रक्षा सेवाओं से सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए न्यूनतम आयु 50 वर्ष निर्धारित है (निर्धारित शर्तों के साथ)।
इस योजना के तहत: एकल या संयुक्त खाता (जीवनसाथी के साथ) खोला जा सकता है।परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है।
मैच्योरिटी के बाद 3 वर्ष के लिए विस्तार का विकल्प उपलब्ध है।
निवेश सीमा और मौजूदा ब्याज दर
न्यूनतम निवेश: 1,000 रुपये (1,000 के गुणक में) अधिकतम निवेश सीमा: 30 लाख रुपये। वर्तमान ब्याज दर: 8.2% वार्षिकब्याज भुगतान: हर तिमाही (अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी के पहले कार्य दिवस पर)
सरकार समय-समय पर महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर ब्याज दरों की समीक्षा करती है।
हर महीने 20,000 रुपये से अधिक आय का गणित
यदि कोई वरिष्ठ नागरिक अधिकतम 30 लाख रुपये निवेश करता है, तो 8.2% वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से—वार्षिक ब्याज: 2,46,000 रुपये। मासिक औसत आय (2,46,000 ÷ 12): लगभग 20,500 रुपये। हालांकि ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है, लेकिन औसतन यह प्रति माह 20,000 रुपये से अधिक आय सुनिश्चित करता है।
टैक्स लाभ और टीडीएस नियम
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कर छूट का लाभ। ब्याज राशि कर योग्य आय में शामिल होती है। यदि ब्याज आय 50,000 रुपये (वित्तीय वर्ष में) से अधिक होती है, तो 10% टीडीएस काटा जाता है।
यदि कुल आय कर योग्य सीमा से कम है, तो फॉर्म 15H जमा कर टीडीएस से बचा जा सकता है।
इस प्रकार देखा जाए तो Senior Citizens Savings Scheme बुजुर्गों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प है। सरकारी गारंटी, आकर्षक ब्याज दर और नियमित तिमाही आय इसे रिटायरमेंट के बाद आर्थिक स्थिरता के लिए एक मजबूत विकल्प बनाते हैं।
डिस्क्लेमर:
यह समाचार/लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई ब्याज दरें, निवेश सीमा एवं कर संबंधी प्रावधान वर्तमान उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित हैं, जिनमें समय-समय पर सरकार द्वारा परिवर्तन किया जा सकता है। निवेश करने से पूर्व संबंधित बैंक, डाकघर या आधिकारिक सरकारी स्रोत से नवीनतम नियम एवं शर्तों की पुष्टि अवश्य करें। किसी भी प्रकार के निवेश निर्णय के लिए पाठक स्वयं उत्तरदायी होंगे।
